Wednesday, April 1, 2026

हरे धनिये के पत्ते आयुर्वेद में औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं, ठंडजनित रोगों से बचाता है.

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हरे धनिये के पत्ते आयुर्वेद में औषधीय गुणों (Coriander Benefits) के लिए जाने जाते हैं। यह शरीर को गर्म-सर्द संतुलित रखने के साथ ठंडजनित रोगों से बचाता है। धनिया पत्ती उच्च रक्तचाप, मधुमेह और पाचन संबंधी परेशानियों में लाभकारी है। यह प्राकृतिक डायूरेटिक की तरह काम करता है और हृदय के लिए भी फायदेमंद है। इसे चटनी, रायता या चाय के रूप में सेवन किया जा सकता है।

 रसोई की शान माने जाने वाले हरे धनिया पत्ते को आयुर्वेद में औषधीय गुणों के कारण खास स्थान प्राप्त है। चटनी, सलाद, दाल-सब्जी से लेकर सूप तक हर व्यंजन में इसका प्रयोग होता है, लेकिन ठंड के मौसम में इसकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

  • धनिया पत्ता शरीर को गर्म-सर्द संतुलित रखने के साथ कई ठंडजनित रोगों की रोकथाम में मददगार है।

यह हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, वायरल संक्रमण, सर्दी-खांसी, जोड़ों का दर्द और पाचन संबंधी परेशानियों में लाभकारी माना जाता है। बताया कि ठंड का मौसम धनिया पत्ते के औषधीय गुणों का लाभ लेने का सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। नियमित एवं संतुलित सेवन से यह स्वाद बढ़ाने के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखता है।

हृदय और बीपी को संतुलित रखकर गंभीर रोगों से बचाव

राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के रोग एवं विकृति विभाग के डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि धनिया की पत्तियां प्राकृतिक डायूरेटिक की तरह काम करती हैं। ये शरीर में जमा अतिरिक्त सोडियम को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालती हैं, जिससे उच्च रक्तचाप नियंत्रित होता है और हृदयाघात व ब्रेन स्ट्रोक की आशंका कम होती है।

हरी धनिया की तासीर ठंडी मानी जाती है, जो हृदय को लाभ पहुंचाती है। धनिया या उसके बीजों का काढ़ा पीने से खराब (एलडीएल) कोलेस्ट्राल घटता है। धनिया पत्ती रक्त शर्करा नियंत्रित करने वाले एंजाइम को सक्रिय करती है, जिससे मधुमेह नियंत्रण में सहायता मिलती है।

इसमें मौजूद विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है और आयरन अवशोषण बढ़ाता है, जिससे खून की कमी, घाव भरने और त्वचा संबंधी समस्याओं में मदद मिलती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट शरीर में सूजन कम कर कैंसर और हृदय रोगों के जोखिम को घटाते हैं।

धनिया पत्ते के अन्य प्रमुख फायदे

  • ठंड में तला-भुना भोजन अधिक खाने से होने वाली गैस, एसिडिटी, कब्ज और दस्त में राहत देता है।
  • प्राकृतिक डायूरेटिक होने के कारण यूरिन संबंधी समस्याएं दूर करता है।
  • विटामिन सी की अधिकता गठिया के मरीजों को लाभ पहुंचाती है।
  • चक्कर आने की समस्या में आंवला व धनिया का सेवन फायदेमंद।
  • एंटी-ओबेसिटी गुण वजन घटाने और पेट की चर्बी कम करने में सहायक।
  • डंठल का सूप या काढ़ा ठंड के दुष्प्रभाव कम करता है, मुंह के छाले व बदबू दूर करता है।
  • अपच, गैस और हल्के पेट दर्द में उपयोगी।

कैसे करें नियमित सेवन?

  • दाल-सब्जी पकने के बाद ऊपर से बारीक कटे धनिया पत्ते डालकर ढक दें।
  • अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, टमाटर या आंवला मिलाकर चटनी बनाकर खाएं।
  • दही में मिलाकर स्वादिष्ट रायता तैयार करें और हल्का तड़का लगाकर सेवन करें।
  • धनिया पत्ते पीसकर गुनगुने पानी में मिलाकर चाय की तरह पिएं।
  • किडनी स्टोन और पीरियड्स दर्द में लाभकारी।
  • इमली, लहसुन, हरी मिर्च, नमक के साथ मिलाकर तीखी-खट्टी चटनी बनाएं।
  • धनिया, मटर, टमाटर, नींबू व मसालों के साथ चावल फ्राई कर स्वादिष्ट भोजन बनाएं।
  • गेहूं, बेसन या सत्तू में धनिया मिलाकर पराठे तैयार करें।

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