हजारीबाग: मंगलवार का दिन हजारीबाग के लिए बेहद खास रहा. यहां दिनभर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर और उनकी तीन सदस्य टीम महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा को लेकर जिले के वरीय पदाधिकारी के साथ बैठक की. जबकि दूसरी ओर नगर निगम में लोकल कमेटी और आंतरिक शिकायत समिति के सदस्यों के साथ संवाद स्थापित किया.
इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि महिला कार्यक्षेत्र में कैसे सुरक्षित रहे और उन्हें कैसे बेहतर माहौल दिया जा सके? ताकि देश के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहे. राष्ट्रीय महिला आयोग ने तय किया है कि पूरे देश के 800 जिलों में लोकल कमेटी और आंतरिक शिकायत समिति को प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस दौरान हजारीबाग प्रमंडल के 7 जिलों का प्रशिक्षण जिले के नगर निगम सभागार में संपन्न हो गया
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य लोकल कमेटी और आंतरिक शिकायत समिति को सक्रिय करना है. लोकल कमेटी (LCC) और आंतरिक शिकायत समिति (ICC) कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न पॉश एक्ट से निपटने के लिए बनी समितियां हैं, जो शिकायतकर्ता के लिए पहला निवारण मंच होती हैं, दोनों का उद्देश्य सुरक्षित कार्यस्थल बनाना है.
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दरअसल, नई दिल्ली से हजारीबाग पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर, सदस्य डेलिना खोंगडुप, डॉ. अर्चना मजूमदार और ममता कुमारी ने जिले में मैराथन बैठक में भाग लिया. इस एक दिवसीय कार्यक्रम में आयोग की टीम राज्य की प्रतिष्ठित संत कोलंबस कॉलेज में ‘कैंपस कॉलिंग प्रोग्राम’ नगर निगम हजारीबाग सभागार में पॉश एक्ट के तहत स्थानीय समितियां एवं आंतरिक समितियों की क्षमता निर्माण को लेकर कार्यशाला और प्रमंडल स्तरीय वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ जिला समाहरणालय सभाकक्ष में समीक्षा बैठक की.

महिला उत्पीड़न के मामलों को निपटाने पर चर्चा
पुलिस पदाधिकारी के साथ बैठक के दौरान जिले में महिला उत्पीड़न के मामले और उनके निपटारे पर चर्चा हुई. इसके साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया कि महिलाओं के साथ अन्याय ना हो. पुलिस महिला उत्पीड़न के मामले में गहनता से जांच करे और न्याय दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए.
हजारीबाग पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और हजारीबाग प्रमंडल में पड़ने वाले सभी जिलों में महिलाओं की स्थिति और उनके खिलाफ अपराध पर चर्चा की.
राष्ट्रीय महिला आयोग युवाओं से संवाद स्थापित करती है. इस दौरान इस बात पर जोर दिया जाता है कि महिलाओं को कार्य क्षेत्र और शिक्षा क्षेत्र में सम्मान मिले. कॉलेज के विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाता है कि कैसे महिलाओं का हौसला बढ़ाया जाए ताकि राष्ट्र निर्माण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहे: विजया रहाटकर, अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि आधी आबादी आज के समय में सेना, बैंक, पुलिस, विद्यालय समेत कई क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सेवा दे रही है. महिला सशक्तिकरण का अद्भुत नजारा 2025 में देखा है. 2026 महिलाओं का साल होगा. यहां आधी आबादी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ेगा. इसे लेकर समाज को काम करने की जरूरत है.
वहीं जिला समाज पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा ने बताया कि महिला आयोग की टीम का हजारीबाग में पहुंचना बेहद महत्व रखता है क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है और आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को लेकर कई कार्यक्रम किए जाएंगे.


