Friday, March 20, 2026

हजारीबाग में कोल खनन परियोजना विस्तार को लेकर एनटीपीसी ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के आवास पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया है.

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हजारीबाग: झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के आवास को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है. उनके आवास पर बुलडोजर चली है. हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत जोरदाग में चट्टी बारियातु कोल परियोजना के विस्तार को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव का आवास तोड़ दिया गया. यह जमीन परियोजना क्षेत्र में शामिल है. जिसके तहत भवन हटाने की प्रक्रिया पहले से निर्धारित थी.

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो. मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुटे, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई. हालांकि प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में बनाए रखा. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना विस्तार को लेकर सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई थी. जिसके बाद यह कदम उठाया गया है.

सरकार कोष में जमा है घर तोड़े जाने का मुआवजा: एनटीपीसी अधिकारी

चट्टी बरियातू कोल माइंस के वरीय अधिकारी नील माधव स्वाइन ने कहा कि घर तोड़े जाने के पूर्व घर समेत पूरे संरचना का मुआवजा भुगतान सरकारी कोष में जमा कराया जा चुका है. जो भी कार्यवाही हुई है, पूरे प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही की गई है. फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

बिना जानकारी दिए तोड़ा गया घर: अंबा प्रसाद

घटना को लेकर पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने जानकारी देते हुए कहा कि जो घर ध्वस्त किया गया है, वह झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का है. भवन ध्वस्त करने से पहले किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई. कंपनी मनमानी कर रही है और इसे देखने वाला कोई नहीं है. उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक निर्मला देवी को थाने में बैठा दिया गया. इसके बाद कार्रवाई की गई. जबरन हमारे घर को तोड़ा जा रहा है, जो सरासर गलत है. इसके लिए फिर से न्यायालय का दरवाजा खटखटाऊंगी.

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