हजारीबाग: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हजारीबाग में वैसी महिलाएं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्र में बेहतर काम किया है उन्हें सम्मानित किया गया. साथ ही वैसी महिलाएं जो घर पर बैठी हुई है उन्हें संदेश देने का काम किया गया कि उनमें जो हुनर है उसे लेकर वह घर की चार दिवारी से बाहर निकले और आत्मनिर्भर बने.
हजारीबाग में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वैसी महिलाएं जो समाज के लिए बेहतर काम कर रही हैं उन्हें सम्मानित किया गया. यह संदेश दिया गया कि महिलाएं किसी से काम नहीं है. हर एक क्षेत्र में महिलाओं का दबदबा है. महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने घर परिवार का पालन पोषण भी कर रही है.
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वैसी महिलाएं जो थक-हारकर घर पर बैठ गई हैं उन्हें संदेश देने की कोशिश की गई कि वह घर से बाहर निकले. जिस क्षेत्र में हुनर है उसे समाज के सामने रखें. इस कार्यक्रम में समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा पहुंची. इन्होंने महिला दिवस के अवसर पर तमाम महिलाओं को शुभकामना दिया और संदेश दिया की सबसे पहले आत्मनिर्भर बनने के लिए एक कदम आगे बढ़े .सरकार कई योजना लेकर आपके दरवाजे पर दस्तक दे रही है.

यहां सम्मान पाने के बाद महिलाओं के चेहरे में उत्साह देखने को मिला. महिलाओं ने कहा कि जब काम को सम्मान मिलता है तो हौसला बुलंद हो जाता है. गरीब बेटियों की शादी करने वाली समाज सेवी रश्मि रानी ने बताया कि ऐसा आयोजन हमेशा होना चाहिए. जिससे काम करने को लेकर और भी अधिक बल मिलेगा. फैशन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली युवती ने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर अन्य महिलाओं को बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करना यह हम सभी की जिम्मेवारी है.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को सम्मान देना और फिर वैसी महिलाएं जो घर पर हैं उन्हें प्रेरित करना यह काबिले तारीफ भी है. निस्संदेह महिलाएं आज के समय में हर एक क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं.


