हजारीबागः नगर निगम चुनाव दिलचस्प मोड़ पर आ पहुंचा है. यह चुनाव राजनीतिक रंग में रंगा नजर आ रहा है. तीन प्रमुख पार्टी भाजपा, जेएमएम और कांग्रेस ने तीन उम्मीदवार को अपना समर्थन दे दिया है. इस चुनाव में पार्टी से इस्तीफा देने का दौर भी शुरू हो गया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता सरफराज अहमद ने समर्थन नहीं देने पर इस्तीफा दे दिया है.
हजारीबाग नगर निगम चुनाव में कुल 8 प्रत्याशी मेयर पद के लिए मैदान में है. यह चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रतिष्ठा वाली सीट है. इस कारण भाजपा ने पूरा ताकत अपना झोंक दिया है. भारतीय जनता पार्टी ने सुदेश चंद्रवंशी को समर्थन दिया है. जैसे ही समर्थन देने की बात की घोषणा हुई तो भाजपा नेता आलोक कुमार रेणुका कुमारी ने अपना नाम वापस ले लिया है. नाम वापस लेने के पीछे यह दलील दिया है कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है.
भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महापौर पद के उम्मीदवार सुदेश कुमार को पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि सुदेश कुमार को संगठन और कार्यकर्ताओं का पूरा सहयोग मिलेगा. महत्वपूर्ण बात यह है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज कुमार गोप उर्फ टुनू गोप भी चुनावी मैदान में थे लेकिन उनका नामांकन रद्द हो गया. भाजपा अब पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के विकास राणा को पार्टी ने अपना समर्थन दिया है. कुछ दिन पहले तक सरफराज अहमद इस बात को लेकर अस्वस्थ है कि उन्हें पार्टी समर्थन देगी. समर्थन नहीं देने पर सरफराज अहमद ने पार्टी से ही नाता तोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि हजारीबाग की जनता के साथ धोखा नहीं दिया जाएगा. वह पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में है. झारखंड मुक्ति मोर्चा को यहां नुकसान भी सहना पड़ सकता है.

कांग्रेस से तस्लीम अंसारी चुनावी मैदान में है. पूर्व मांडू विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने महापौर पद के उम्मीदवार मो. तस्लीम अंसारी को समर्थन देने की बात कही. उन्होंने कहा कि शहर के विकास और समावेशी सोच के आधार पर यह निर्णय लिया गया है.
चौथा नाम अरविंद राणा का है. अरविंद राणा का संबंध संघ से है. भारतीय जनता पार्टी से भी उनकी नजदीकी काफी अधिक रहा है. सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना इन्हें हजारीबाग में लोकप्रिय बनाया है. जो एक प्रतिष्ठित अखबार के प्रतिनिधि के रूप में भी यहां काम कर चुके हैं. इसके अलावा वह अधिवक्ता भी हैं. छठ पूजा के दौरान वह एक अनोखा बाजार लगते हैं. जिसमें लागत मूल्य पर छठवृतियों को फल उपलब्ध कराया जाता है. वे समाज के लोगों से पैसा लेते हैं. उन पैसों से फल मंगवाते हैं और फल बेचकर पैसा वापस कर देते हैं. ऐसे में उनका एक बड़ा जनाधार भी है, उनको देख रांची और चतरा में भी ऐसा ही संगठन खड़ा हुआ है. जो छठ पूजा के दौरान खरीद दाम पर फल उपलब्ध कराता है.

अरविंद राणा ने हजारीबाग में एक संगठन बनाया है. जो सामाजिक गतिविधि में हिस्सा लेता है. सामाजिक समरसता के बैनर चले सभी संप्रदाय के लोगों को एक मंच पर बैठकर कैसे समाज की सेवा की जाए इस पर चर्चा की जाती है. इन्होंने दो चौक का नामकरण भी करवाया है जिसमें एक भारत माता और दूसरा हनुमान चौक है. इसके अलावा अमरेंद्र नारायण, सूरज कुमार, विनोद कुमार, सरफराज अहमद चुनावी मैदान में हैं.


