Monday, March 9, 2026

 सोने में मामूली और चांदी में 1.30% की गिरावट रही, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा.

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नई दिल्ली: 9 मार्च 2026 को भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती महंगाई की आशंकाओं के कारण कीमती धातुओं पर दबाव देखा गया. इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों का कम होना है.

MCX पर कीमतों का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल वायदा सोने की कीमत 0.16 प्रतिशत गिरकर 1,61,380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई. वहीं, चांदी के मई वायदा में बड़ी गिरावट देखी गई, जो 1.30 प्रतिशत टूटकर 2,64,799 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई. दिन की शुरुआत में गिरावट और भी गहरी थी; सोना 1.1 प्रतिशत और चांदी 1.4 प्रतिशत तक लुढ़क गए थे, लेकिन बाद में निचले स्तरों से कुछ सुधार देखने को मिला.

डॉलर और ट्रेजरी यील्ड का प्रभाव
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स ने तीन महीने के उच्चतम स्तर 99.34 को छू लिया, जो इंट्राडे आधार पर 0.36 प्रतिशत की बढ़त है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं का उपयोग करने वाले खरीदारों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग में कमी आती है. इसके अतिरिक्त, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड भी एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. बढ़ते यील्ड के कारण निवेशकों का रुझान सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों से हटकर ट्रेजरी बॉन्ड्स की ओर बढ़ जाता है.

कच्चे तेल में उछाल और महंगाई का डर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 27 प्रतिशत का भारी उछाल आया है. ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है. तेल की कीमतों में इस वृद्धि ने वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर पैदा कर दिया है.

फेडरल रिजर्व का रुख
महंगाई की चिंताओं के कारण बाजार को अब उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 18 मार्च को होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दरों को यथावत रख सकता है. जून में भी दरें स्थिर रहने की संभावना अब 51 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जो पिछले सप्ताह 43 प्रतिशत से कम थी. उच्च ब्याज दरें आमतौर पर सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं.

बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सोने के लिए 1,48,000 रुपये का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा, जबकि 1,53,000 रुपये पर रेजिस्टेंस (रुकावट) देखी जा रही है. कॉमेक्स (COMEX) मार्केट में सोना 5,000 डॉलर के आसपास खरीदारी के संकेत दे रहा है. यदि यह 5,400–5,600 डॉलर के स्तर को पार करता है, तो नई रिकॉर्ड ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव के चलते चांदी का मध्यम से दीर्घकालिक दृष्टिकोण अभी भी सकारात्मक बना हुआ है.

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