मुंबई: इस हफ्ते भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच सुरक्षित निवेशकी मांग बढ़ने से दोनों कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है.
आसमान छूती कीमतें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी की कीमतों ने निवेशकों को हैरान कर दिया है. सोने का अप्रैल वायदा भाव इस समय 1,69,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब कारोबार कर रहा है, जो 1.70 लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से कुछ ही कदम दूर है. वहीं, चांदी के मई वायदा भाव ने 2,85,000 रुपये के स्तर को पार कर लिया है और अब यह 3,00,000 रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर की ओर बढ़ रही है.
कीमतों में तेजी की मुख्य वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अस्थिरता है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने दुनिया भर के निवेशकों को डरा दिया है. जब भी वैश्विक स्तर पर युद्ध या आर्थिक संकट की स्थिति बनती है, तो लोग शेयर बाजार या अन्य जोखिम वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर सोने में निवेश करना सुरक्षित समझते हैं.
इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी ने भी सोने-चांदी को सहारा दिया है. सप्लाई चेन में रुकावट की आशंका से महंगाई बढ़ने का डर पैदा हुआ है, जिससे बचने के लिए निवेशक सोने को एक बेहतर विकल्प मान रहे हैं.
आगे क्या है उम्मीद?
‘एनरिच मनी’ के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, बाजार का रुझान अभी भी तेजी की ओर है. अगर सोना मौजूदा स्तर पर टिका रहता है, तो यह जल्द ही 1.70 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर सकता है. हालांकि, निवेशकों को सावधान रहने की भी जरूरत है. यदि कीमतों में गिरावट आती है और यह 1,57,000 रुपये के नीचे जाता है, तो यह 1,50,000 रुपये तक फिसल सकता है.
चांदी के लिए 2,55,000 से 2,65,000 रुपये का स्तर एक मजबूत ‘डिमांड जोन’ बन गया है. जानकारों का मानना है कि चांदी आने वाले दिनों में 3,05,000 रुपये तक का स्तर भी छू सकती है.
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए विशेषज्ञों ने छोटे व्यापारियों और निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. इस समय बिना सोचे-समझे निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए सख्त स्टॉप-लॉस और सही रणनीति के साथ ही ट्रेड करना फायदेमंद होगा.


