Friday, April 10, 2026

सोना-चांदी गिरावट मुनाफावसूली और वैश्विक तनाव कम होने से आज सोना और चांदी की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.

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नई दिल्ली: भारतीय वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेतों के बीच निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) और सुरक्षित निवेश के तौर पर बुलियन की मांग घटने के कारण दोनों कीमती धातुओं में करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली.

सोने और चांदी के आज के दाम
एमसीएक्स पर सोने के वायदा भाव में 0.56 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह ₹1,52,561 प्रति 10 ग्राम के इंट्रा-डे निचले स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, दिन के कारोबार में यह ₹1,52,990 के उच्च स्तर को भी छू चुका था, जो पिछले बंद भाव से ₹444 कम है. सुबह 11:20 बजे सोना ₹1,52,810 पर ट्रेड कर रहा था.

दूसरी ओर, चांदी के वायदा भाव (5 मई अनुबंध) में अधिक कमजोरी देखी गई. यह इंट्रा-डे ट्रेड में अपने पिछले बंद स्तर के मुकाबले 0.7 प्रतिशत टूटकर ₹2,42,067 प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर आ गई. चांदी ने दिन का उच्चतम स्तर ₹2,43,704 छुआ और यह ₹2,42,899 पर कारोबार कर रही थी.

बाजार के जानकारों का विश्लेषण
बाजार विशेषज्ञों और कमोडिटी एनालिस्ट्स के मुताबिक, एमसीएक्स गोल्ड फिलहाल ₹1,52,500 के ऊपर बना हुआ है और निचले स्तरों पर धीमी खरीदारी देखी जा रही है. जानकारों का मानना है कि यदि सोने की कीमतें ₹1,53,000 के पार टिकने में सफल रहती हैं, तो बाजार में बुलिश ट्रेंड लौट सकता है, जो भाव को ₹1,55,000 की तरफ धकेलेगा. हालांकि, अगर सोना ₹1,52,000 के स्तर से नीचे गिरता है, तो यह ₹1,50,000 और फिर ₹1,48,000 तक फिसल सकता है.

चांदी के लिए ₹2,45,000 से ₹2,47,000 के स्तर पर कड़ा रेजिस्टेंस (रुकावट) देखा जा रहा है. यदि यह इस स्तर को पार कर जाती है, तो भाव ₹2,50,000 से ₹2,52,000 तक जा सकते हैं. दूसरी ओर, ₹2,40,000 का सपोर्ट स्तर टूटने पर भारी बिकवाली के चलते भाव ₹2,36,000 से ₹2,35,000 के आसपास आ सकते हैं.

गिरावट का मुख्य कारण
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से कीमती धातुओं पर लगातार दबाव बना हुआ है. भू-राजनीतिक मोर्चे पर (विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच) तनाव कम होने की खबरों के बाद निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश साधनों से हटकर जोखिम वाले एसेट्स जैसे कि शेयर बाजार (इक्विटी) की ओर बढ़ गया है. हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितताएं पूरी तरह समाप्त नहीं हो जातीं, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है.

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