साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज सोमवार को लगने जा रहा है. जानकारी के मुताबिक इस सूर्य ग्रहण की शुरुआत दोपहर बाद करीब 3 बजकर 26 मिनट के आसपास होगी. वहीं इसका समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा. बता दें, सूर्य ग्रहण के दौरान रिंग ऑफ फॉयर का अनोखा दृश्य बनेगा, जो अपने देश भारत में दिखाई नहीं देगा.
ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा. उन्होंने आगे कहा कि भारत में यह ग्रहण दृश्य नहीं होगा, इस वजह से किसी भी प्रकार का सूतक काल मान्य नहीं होगा.
जानिए कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण 2026
ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र ने बताया कि आज सूर्य ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगा. जिसका मध्य काल शाम 5 बजकर 40 मिनट पर होगा और ग्रहण का समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट के आसपास होगा. उन्होंने कहा कि सूर्य ग्रहण 2026 की कुल अवधि करीब 4 घंटे 32 मिनट की रहेगी.
इस दौरान बनेगा रिंग ऑफ फायर
सूर्य ग्रहण 2026 के दौरान एक खास नजारा देखने को मिलेगा. विज्ञान के नजर से देखा जाए तो यह करीब 2 मिनट और 20 सेकंड तक रहेगा. ग्रहण के समय चंद्रमा सूर्य के अधिकतम हिस्से को ढक लेगा, सिर्फ बाहरी किनारा ही चमकता हुआ दिखाई देगा. सूर्य का जो चमकदार हिस्सा दिखाई देगा उसे ही रिंग ऑफ फायर कहा जाता है. इसकी आकृति गोल अंगूठी की तरह होती है. अफसोस की बात यह है कि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इस वजह से यह खास नजारा यहां दिखाई नहीं देगा.
अब जानिए सूतक काल के नियम
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इस वजह से यहां किसी भी प्रकार का सूतक काल नहीं लगेगा. सूतक वहीं माना जाता है, जहां ग्रहण प्रभावी होता है. उन्होंने कहा कि सूतक काल नहीं लगेगा इसके चलते यहां के मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं होंगे और सामान्य कामकाज होते रहेंगे. किसी को भी कोई नियम के पालन करने की जरुरत नहीं है. वहीं, उन्होंने कहा कि गर्भवतियों को भी बिना वजह डरने की भी आवश्यकता नहीं है.
इन देशों में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण 2026
अब बात करते हैं कि सूर्य ग्रहण किन-किन देशों में दिखाई देगा. तो बता दें कि यह ग्रहण दक्षिण अफ्रिका, तंजानिया, जाम्बिया, मॉरिशस, जिम्बॉब्वे, अंटार्कटिका समेत दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दृश्य होगा. जैसा कि पहले बताया कि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा.
जानिए कैसे लगता है सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026)
साइंस की भाषा में समझें तो जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में हो तो तब सूर्य का प्रकाश कुछ देर के लिए पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता. उस समय चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ने लगती है और जहां यह छाया पड़ती है, वहीं, सूर्य ग्रहण लगता है.
ग्रहण के दौरान क्या-क्या करना चाहिए
डॉ. उमाशंकर मिश्र ने जानकारी दी कि ग्रहण के दौरान कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी होता है. उन्होंने कहा कि ग्रहण के दौरान जातक सूर्य या शिव के मंत्रों का यथाशक्ति जाप कर सकते हैं. वहीं, ग्रहण के समाप्त होने के बाद सभी जातक स्नान आदि करें और दान करें. इससे बुरे प्रभाव नहीं पड़ेंगे.


