Ghibli इमेज का ट्रेंड आपको मुश्किल भी डाल सकता है. उत्तराखंड साइबर पुलिस के एक्सपर्ट से समझिए कैसे?
आज कल सोशल मीडिया पर Ghibli इमेज का ट्रेंड चल रहा है, जो जमकर वायरल भी हो रहा है. लेकिन Ghibli इमेज का ये ट्रेंड अपने लिए टेंशन भी बन सकता है, जिसको लेकर साइबर एक्सपर्ट ने भी चेताया है. इसीलिए Ghibli इमेज का इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी सावधानी जरूर बरते.
आजकल लोगों में Ghibli स्टाइल में अपनी तस्वीरें बनाने की होड़ लगी हुई है. नेता से लेकर सेलिब्रिटीज तक हर कोई सोशल मीडिया पर अपनी घिबली स्टाइल में बनी तस्वीरें शेयर कर रहा है. फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर Ghibli स्टाइल में बनी तस्वीरों की जैसे बाढ़ आ गई हैं. लोग अपनी और अपने बच्चों की एआई-जनरेटेड तस्वीरें धड़ल्ले से शेयर कर रहे हैं, लेकिन यह देखने में जितना मजेदार लगता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है.
बता दें कि लोग सिर्फ चैटजीपीटी ही नहीं बल्कि कई एआई टूल्स का इस्तेमाल कर अपनी एआई-जनरेटर तस्वीरें बना रहे हैं, लेकिन ये आपके लिए बड़ा खतरा भी बन सकता है. साइबर पुलिस भी इस खतरे को नकार नहीं रही है. साइबर पुलिस का कहना है कि जब कोई चीज ट्रेंडिंग में आ जाती है तो वायरल हो जाता है. हर कोई ट्रेंडिंग को इस्तेमाल करना शुरू कर देता है. वैसे ही जैसे Ghibli स्टाइल में तस्वीरें भी इन दिनों प्रचलन में है. हर कोई इसका प्रयोग कर रहा है, लेकिन ये आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि भविष्य में कोई भी आपकी फोटो का गलत इस्तेमाल कर सकता है.
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के सीओ अंकुश मिश्रा का कहना है कि अमूमन देखने में आता है कि कोई चीज ट्रेंड में आती है तो व्यक्ति भी हैशटैग# के चक्कर में उसे फ्लो करने लगाता है. इसी तरह ये Ghibli आर्ट भी काफी फेमस हुई है. यदि आप भी अपने फोटो सही एआई एप से Ghibli जनरेट कर रहे है तो कोई ऐसा नुकसान नहीं है, लेकिन इसमें प्राइवेसी का खतरा बना रहा है.
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के सीओ अंकुश मिश्रा ने सीधी भाषा में समझाते हुए बताया कि एआई एक तरह से कृत्रिम बुद्धि होती है, उसके पास खुद से चीजों को मॉडिफाई करने की क्षमता होती है. ऐसे में हो सकता है कि कल कोई ऐसा एलिमेंट या व्यक्ति हो जो एआई के जरिए उस फोटो का गलत इस्तेमाल कर सकता है जो अपने पहले से ही एआई को दे रखी है.
जब भी आप एआई या अन्य किसी भी प्लेटफार्म को अपनी फोटो शेयर करते है तो कोशिश करें कि उस एप की प्राइवेसी चेंक कर ले. बहुत ज्यादा निजी फोटो बिल्कुल न शेयर करे, जिसको बाद में मॉडिफाई किया जा सकता हो. फोटो बहुत सोच-समझकर ही शेयर करें.
-अंकुश मिश्रा, सीओ, देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन-