रांची में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है. अब उनकी पैनी नजर राजधानी के एटीएम पर है. साइबर अपराधी एटीएम से पैसा निकालने आए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. साइबर अपराधियों का यह गिरोह पुलिस के लिए चिंता का सबब बन चुका है. फरवरी से जून तक में साइबर अपराधियों ने 7 लोगों को अपना शिकार बनाया है.
आये दिन ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं. इसलिए लोग एटीएम से पैसा निकालना सुरक्षित समझते हैं, लेकिन अब राजधानी रांची के एटीएम पर भी साइबर धोखाधड़ी करने वालों की पैनी नजर है. खासकर उन एटीएम पर जहां सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं होती है. ऐसे में आप अगर एटीएम से पैसा निकालने जा रहे हैं, तो सावधान हो जायें. आपकी थोड़ी सी चूक आपका खाता खाली कर सकती है.
राजधानी के विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थित एटीएम पर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं. आम लोग पैसा निकालने के लिए एटीएम पर जाते हैं. एटीएम में डेबिट कार्ड डालकर पैसा निकालते हैं, कई बार पैसा नहीं भी निकलता है. लेकिन दोनों ही स्थिति में एटीएम में डेबिट कार्ड फंस जाता है. बाद में जिस व्यक्ति का कार्ड फंसता है उसके खाते से अवैध निकासी हो जाती है.
जानकारी के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से रांची के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लोगों को निशाना बना रहा है. 3 फरवरी से 22 जून तक के बीच में साइबर ठगों ने सात अलग-अलग जगहों पर लोगों को अपना शिकार बनाया है. ठगों ने इनसे लाखों रुपये की ठगी कर ली. लेकिन इस गिरोह के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. यही वजह है कि अपराधी लगातार वारदात को अंजाम दे रहे हैं. यह गिरोह रांची पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहा है.
कैसे देते हैं वारदात को अंजाम
पैसा निकालने के लिए लोग एटीएम पर पहुंचते हैं. एटीएम में कार्ड डालते हैं. कभी पैसा निकलता है, कभी पैसा नहीं निकलता है, लेकिन एटीएम में डेबिट कार्ड फंस जाता है. तभी एक अनजान चेहरा सामने आता है. वह आपके कार्ड के फंसने की परेशानी समझकर कहता है कि एटीएम में दीवार पर इंजीनियर का मोबाइल नंबर लिखा है. आप उस नंबर पर डायल कीजिये. इंजीनियर आकर कार्ड निकाल देगा. जब व्यक्ति उस नंबर पर डायल करता है, तब उधर से एक आदमी कहता है कि आप थोड़ी दूर पर स्थित एटीएम पर चले जायें. वहां पर गार्ड है. वह आकर कार्ड निकाल देगा.
जब तक व्यक्ति दूसरे एटीएम पर जाता है और वापस आता है तब तक एटीएम से उनका डेबिट कार्ड निकल जाता है. थोड़ी देर बाद उनके मोबाइल पर पैसे की निकासी किये जाने का मैसेज आता है. या फिर दीवार पर लिखे मोबाइल नंबर पर डायल करने पर व्यक्ति को पास के बैंक में बुलाया जाता है. जब तक वह व्यक्ति वापस एटीएम पर पहुंचता है, तब तक खाते से अवैध निकासी हो जाती है.


