Sunday, March 22, 2026

साल 2026 में दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण लगेंगे.

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खगोलीय और ज्योतिषीय घटनाओं के शौकीनों के लिए साल 2026 किसी रोमांच से कम नहीं होने वाला है. इस साल ब्रह्मांड में चार बड़ी हलचलें देखने को मिलेंगी, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं. जहां वैज्ञानिकों के लिए ये घटनाएं सौर मंडल को समझने का एक बड़ा अवसर हैं, वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये पृथ्वी और मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालेंगे.

साल 2026 का पहला सूर्यग्रहण
साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को वलयाकार रूप में घटित हो चुका है. चूंकि यह ग्रहण दक्षिण ध्रुव और अंटार्कटिका जैसे दुर्गम क्षेत्रों में केंद्रित था, इसलिए भारत में इसका प्रभाव शून्य रहा. लेकिन अब पूरी दुनिया की नजरें आने वाले तीन बड़े ग्रहणों पर टिकी हैं.

3 मार्च 2026: भारत में दिखाई देगा ‘पूर्ण चंद्र ग्रहण’
साल 2026 का सबसे महत्वपूर्ण ग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है. यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. सबसे खास बात यह है कि यह ग्रहण भारत के कई हिस्सों में चंद्रोदय के समय आंशिक रूप से दिखाई देगा. भारतीय समयानुसार यह शाम को शुरू होगा. चूंकि यह भारत में दिखाई देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका सूतक काल मान्य होगा. इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और शुभ कार्यों की मनाही होगी.

12 अगस्त 2026: सदी का सबसे खूबसूरत ‘पूर्ण सूर्य ग्रहण’
12 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण इस साल की सबसे बड़ी खगोलीय घटना मानी जा रही है. यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा सूरज को पूरी तरह ढक लेगा. यह दुर्लभ नजारा ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल में दिखाई देगा. भारत में उस समय रात होने के कारण यह दृश्य नहीं होगा, लेकिन इंटरनेट और लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए इसे देखा जा सकेगा.

28 अगस्त 2026: साल का आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण
साल का समापन 28 अगस्त को होने वाले आंशिक चंद्र ग्रहण के साथ होगा. यह मुख्य रूप से पश्चिमी यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका में दिखाई देगा. भारत में इसकी दृश्यता नहीं होगी, जिससे यहां सूतक के नियम लागू नहीं होंगे.

ज्योतिषीय उपाय और सावधानी
लखनऊ के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र का कहना है कि ग्रहण काल के दौरान सिंह, कन्या और कुंभ राशि वालों को विशेष सावधानी बरतें, जबकि मेष और मिथुन के लिए समय शुभ रहेगा. ग्रहण काल में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ज्योतिषीय दृष्टि से इससे बचने के लिए.

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