Friday, April 4, 2025

सांसद संजय सेठ ने रांची में फैटी लिवर से पीड़ित मरीजों की जांच के लिए 3 अप्रैल से अभियान शुरू करने की घोषणा की है.

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रांची: रक्षा राज्यमंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने रांची में फैटी लीवर से ग्रस्त रोगियों की जांच के लिए एक अभियान शुरू करने की घोषणा की है. 3 अप्रैल से शुरू होगा यह अभियान. रक्षा राज्य मंत्री की इस पहल के बाद स्वास्थ्य संबंधी विचारों पर चर्चा के केंद्र में ‘फैटी लिवर’ भी आ गया है. ऐसे में ईटीवी भारत ने फैटी लिवर को लेकर झारखंड की स्थिति, बड़ी संख्या में फैटी लिवर से ग्रस्त रोगियों की बढ़ती संख्या, लिवर के फैटी हो जाने के बाद होने वाली समस्याओं और अन्य पहलुओं पर रांची के प्रख्यात पेट एवं लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. जयंत घोष से बात की. डॉ. जयंत घोष झारखंड लिवर एंड किडनी फाउंडेशन के अध्यक्ष भी हैं.

झारखंड के प्रख्यात लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. जयंत घोष ने बताया कि आजकल हमलोगों का लाइफ स्टाइल बदल गया है. अब बच्चे खेल के मैदान की जगह मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप पर अधिक समय बिताते हैं. घर में बने भोजन की जगह बाहर का भोजन खाना फैशन बन गया है. ऐसे में हमारे शरीर का मेटाबॉलिज़म गड़बड़ हो गया है और जो खाना खा रहे हैं वह शरीर में जमा होता जाता है.

फैटी लिवर संकेत है कि शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों की भी स्थिति ऐसी ही होगी- डॉ. जयंत घोष

सदर अस्पताल रांची में आयुष्मान के लाभुक गरीब लिवर रोग के मरीजों का निशुल्क इलाज करने वाले डॉ. जयंत घोष कहते हैं कि चूंकि लिवर में हो रहे फैट जमा की जांच बेहद आसान है. इसलिए अगर हम फैटी लिवर की स्क्रीनिंग कर लेंगे तो हम बहुत आसानी से हार्ट, पेन्क्रियाज एवं अन्य भागों में फैट जमा होने का अनुमान लगा सकते हैं. मधुमेह और उच्च रक्तचाप का भी इससे अनुमान लगाया जा सकता है. अब तो फाइब्रोस्कैन से यह भी पता लगा लिया जाता है कि फैटी लिवर से लिवर को कितना नुकसान पहुंचा है.

झारखंड में शहरी और ग्रामीण इलाकों में अल्कोहलिक लिवर डिजीज के मरीजों की काफी संख्या है. उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं में भी फैटी लिवर का केस बड़ी संख्या में मिलना चिंता का विषय है.

झारखंड लिवर किडनी फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. जयंत घोष ने कहा कि झारखंड की स्थिति दूसरे देशों या राज्यों से अलग इसलिए है क्योंकि यहां पतले दुबले लोगों का भी लिवर फैटी मिल रहा है. ऐसे में झारखंड में फैटी लिवर को लेकर अपना अलग डाटा बेस बनाना होगा. उन्होंने बताया कि देश में हर 100 व्यक्ति में 14-15 फैटी लिवर से ग्रस्त व्यक्ति हैं जबकि मधुमेह यानी डायबिटीज वाले रोगियों में यह प्रति 100 पर बढ़कर 52 हो जाती है.

डॉ. जयंत घोष ने कहा कि चिंता वाली बात यह है कि अब बच्चों के लिवर भी फैटी हो रहे हैं और 100 बच्चों में 12-13 बच्चे फैटी लिवर के शिकार हैं. उन्होंने बताया कि झारखंड का डेटा अभी तैयार नहीं हुआ है लेकिन अनुमान यह है कि राज्य में फैटी लिवर ग्रस्त लोगों का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है.

डॉ. जयंत घोष ने बताया कि डायबिटीज के मरीज जरूर से फैटी लिवर की जांच कराएं. उन्होंने रक्षा राज्यमंत्री के पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का अभियान राज्य भर में चलाया जाना चाहिए.

डॉ. जयंत घोष ने बताया कि फैटी लिवर रोग एक मेटाबॉलिक रोग है, इसलिए जागरूकता के साथ-साथ शारीरिक परिश्रम, व्यायाम और कार्ब युक्त भोजन कम करके इस रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।

खानपान में बदलाव लाएं,लो कार्ब फ़ूड खाएं

डॉ. जयंत घोष ने बताया कि फैटी लिवर की बीमारी एक मेटाबॉलिक बीमारी है, ऐसे में जागरूकता के साथ-साथ, शारीरिक परिश्रम, एक्सरसाइज और कार्ब रिच फ़ूड कम लेकर इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

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