सहरसा जिले के सत्तरकटैया में समीक्षा बैठक से गायब रहने वाली 15 आंगनबाड़ी सेविकाओं पर कार्रवाई की जा रही है। सीडीपीओ राहुल मिश्रा ने इसे लापरवाही मानते हुए अनुपस्थित सेविकाओं से स्पष्टीकरण मांगा है और उनका एक दिन का मानदेय रोक दिया है। विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।
सहरसा– समेकित बाल विकास परियोजना सत्तरकटैया अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविकाओं की लापरवाही अब महंगी पड़ती जा रही है। गत सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहीं 15 सेविकाओं पर कार्रवाई की तैयारी है।
परियोजना कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार सेक्टर संख्या-01 के केंद्र संख्या 44, 78, 77, 80, 57, 151, 60, 79, 62 तथा सेक्टर संख्या-06 के केंद्र संख्या 51, 138, 85, 160, 81 एवं 38 की सेविकाएं बैठक में शामिल नहीं हुईं।
सीडीपीओ राहुल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यह रवैया सेविकाओं की गैरजिम्मेदारी एवं मनमानी को दर्शाता है। उन्होंने सभी अनुपस्थित सेविकाओं से 24 घंटे के अंदर कारण बताने को कहा है कि क्यों न उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाए। साथ ही बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण सभी का एक दिन का मानदेय रोक दिया गया है।
सीडीपीओ की इस सख्त कार्रवाई से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि अगर कार्यकर्ताओं से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला तो आगे भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
कार्यकर्ताओं में अनुशासन बनाए रखने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में विभाग द्वारा इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


