झारखंड में हुई बारिश से किसानों का काफी नुकसान हुआ है.
होली के बाद झारखंड में हुई बारिश से राज्य के किसानों को काफी नुकसान सहना पड़ा है. राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बारिश से कई फसलें बर्बाद हो गईं तो कहीं फसल की उपज अच्छी नहीं हो पाई. वहीं सब्जियां खराब होने की वजह से बाजार में उसकी अच्छी कीमत नहीं मिल पा रही है. कई किसान तो अपनी सब्जियों को फेंकने के लिए मजबूर हैं.


किसानों की समस्या को देखते हुए देवघर के जिला कृषि पदाधिकारी यशराज कुमार से जब ईटीवी संवाददाता ने बात कि तो उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि और बारिश के कारण जिन किसानों की सब्जियां और फसलें खराब हुई हैं, उन्हें सरकारी स्तर पर मदद की जाएगी.
19 से 22 मार्च तक हुई ओलावृष्टि और बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान संथाल क्षेत्र में सब्जी लगाए किसानों को हुआ है. खेत में लगी पत्ता गोभी, बीट, बीन्स, खीरे के अलावा कई सब्जियां सड़ गई हैं. जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी देखने को मिल रही है. किसानों का कहना है कि बिन मौसम बरसात की वजह से हमें बहुत नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि अब गेहूं की फसल काटने वाले थे, लेकिन बारिश के कारण पकी हुई गेहूं की फसल अंकुरित हो रही है और फसल भी खराब हो गई है. किसानों ने बताया कि फसल खराब होने के बाद अभी तक उन्हें किसी तरह के मुआवजे का आश्वासन नहीं मिला है.
उन्होंने बताया कि राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की किसानों की समस्या को लेकर गंभीर हैं. इसलिए जल्द ही जिले के सभी किसानों को ओलावृष्टि और बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा.
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि अभी तक राज्य सरकार की तरफ से कोई गाइडलाइन नहीं आई हैं लेकिन प्रेस रिलीज के माध्यम से यह बताया गया है कि जिले में जिन किसानों की फसल ओलावृष्टि और बारिश के कारण खराब हुई हैं. वैसे किसानों को स्थानीय बीडीओ और सीओ के माध्यम से चिन्हित कर उन्हें सरकारी स्तर पर आर्थिक लाभ देने की कवायद की जाएगी.