Monday, March 23, 2026

सरकार ने अवैध जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 300 और प्लेटफॉर्म्स ब्लॉक किए हैं, जिससे कुल संख्या 8400 पहुंच गई है.

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भारत सरकार ने अवैध जुआ और सट्टेबाजी यानी गैंबलिंग एंड बेटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को 300 से ज्यादा वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है. ये प्लेटफॉर्म ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंह, कैसीनो गेम्स जैसे स्लॉट्स, रूलेट लाइव डीलर टेबल्स, पीयर-टू-पीयर बेटिंग एक्सचेंज, सट्टा-मटका नेटवर्क और रियल-मनी कार्ड गेम्स से जुड़े थे.

सरकार की इस मुहिम में अभी तक कुल 8,400 ऐसी अवैध वेबसाइट्स और ऐप्स पर रोक लगाई जा चुकी है. इनमें से ज्यादातर यानी लगभग 4,900 ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद ब्लॉक किए गए हैं. यह कानून पिछले साल संसद में पास हुआ था और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी के बाद इसे लागू किया गया. इस कानून का नाम ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025’ है. इस नए एक्ट यानी कानून का मकसद ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स में इनोवेशन्स को बढ़ावा देना है, जबकि ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह से पाबंदी लगाना है.

सख्त सजा का प्रावधान

यह कानून साफ तौर पर कहता है कि चांस, स्किल या दोनों के मिश्रण वाले किसी भी ऑनलाइन मनी गेम की अनुमति नहीं होगी. इन गेम्स में विज्ञापन, प्रमोशन या किसी तरह की सुविधा देना भी मना है. बैंक और पेमेंट सिस्टम्स को ऐसे ट्रांजेक्शन प्रोसेस करने से रोका गया है. आईटी एक्ट, 2000 के तहत अवैध प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने की शक्ति अधिकारियों को दी गई है. इसका उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान भी निर्धारित किया गया है, जो कुछ इस प्रकार हैं:

  1. पहली बार पकड़े जाने पर तीन साल तक की कैद या एक करोड़ रुपये जुर्माना या दोनों भी हो सकते हैं.
  2. दूसरी बार अपराध करने पर कम से कम तीन साल की सजा (जो पांच साल तक भी बढ़ सकती है) और कम से कम एक करोड़ रुपये का जुर्माना (जो दो करोड़ रुपये भी हो सकते हैं) लग सकता है.
  3. ऐसे गेम्स का विज्ञापन करने पर दो साल तक की कैद या 50 लाख तक का जुर्माना लग सकता है.
  4. दोबारा दोषी पाए जाने पर सजा और जुर्माना और भी ज्यादा बढ़ सकता है.

लोगों को ऑनलाइन जुए के खतरे से बचाने मकसद

यह कार्रवाई युवाओं और आम लोगों को ऑनलाइन जुए के खतरे से बचाने के लिए की गई है. कई प्लेटफॉर्म्स युवाओं को लुभाने के लिए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और आक्रामक मार्केटिंग का सहारा लेते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और परिवारों में कलह जैसी समस्याएं बढ़ती हैं. भारत सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा, पब्लिक ऑर्डर और फाइनेंशियल सिस्टम की अखंडता के लिए खतरा बन सकता है.

इस कारण एक मजबूत कानूनी स्ट्रक्चर बनाकर इस समस्या पर लगाम लगाई जा रही है. सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से कई लोग जागरुक होंगे और सुरक्षित डिजिटल एंटरटेनमेंट की ओर प्रभावित होंगे. ई-स्पोर्ट्स और एजुकेशनल गेम्स को बढ़ावा मिलेगा, जो युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए रास्ते खोल सकते हैं. सरकार का कहना है कि अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि समाझ सुरक्षित और स्वस्थ रहे.

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