Friday, March 27, 2026

सनकी बाप ने दो बेटों को हसुआ से काट डाला, एक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

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मुजफ्फरपुर: घर में पारिवारिक कलह के बाद एक सनकी बाप ने अपने दो बेटों पर हंसुआ से हमला कर दिया. इस हमले में जहां तीन माह के बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, तीन साल का कार्तिक जिदंगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है.

मुजफ्फरपुर: कुढ़नी थाना क्षेत्र के माधोपुर चिकनी गांव में गुरुवार को एक ह्रदयविदारक घटना सामने आयी. एक सनकी पिता ने नींद में सो रहे अपने ही दो संतानों पर हंसुआ से हमला कर दिया. भीषण और दर्दनाक वारदात में तीन माह के दिव्यांशु की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि तीन वर्षीय कार्तिक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार देर रात पिता दिलीप पंडित ने अपने घर के पलंग पर सो रहे अपने बेटे दिव्यांशु (तीन माह) पर अचानक हंसुआ से कई वार कर दिया. अपने भाई पर हो रहे इस जानलेवा हमले को देख साथ में सो रहा तीन वर्षीय कार्तिक कुमार बिस्तर से उठकर भागने लगा, लेकिन सनकी पिता को दया नहीं आयी. उसने भाग रहे कार्तिक को भी पकड़ लिया और उसके गर्दन पर प्रहार कर दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब पत्नी काजल देवी के सामने हो रहा था, लेकिन वह स्तब्ध खड़ी रही.

चिंताजनक बनी हुई है कार्तिक की स्थिति 

बेटों की चीख-पुकार सुनकर दादा-दादी मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की मदद से उन्होंने किसी तरह अपने बेटे दिलीप को वहां से पकड़ कर बाहर निकाला. खून से लथपथ दोनों पोतों को देख दादा-दादी जमीन पर गिर पड़े. आनन-फानन में ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल कार्तिक को शहर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया. चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

गड्ढा खोदकर दफनाया गया दिव्यांशु का शव 

घटना की सूचना मिलते ही थाना की डायल 112 की पुलिस माधोपुर चिकनी गांव पहुंची. पुलिस ने हत्यारे पिता दिलीप पंडित की काफी तलाश की, लेकिन वह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. वहीं, मृतक तीन माह के मासूम दिव्यांशु के परिजनों ने गुरुवार सुबह स्थानीय श्मशान घाट पर गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया.  

पेशे से मूर्तिकार है दिलीप पंडित

जानकारी के अनुसार हत्यारा दिलीप पंडित पेशे से मूर्तिकार है. वह वसंत पंचमी के मौके पर परिवार के साथ मिलकर देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाकर बेचता है. खाली समय में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है. घटना वाले दिन वह शहर के आमगोला स्थित किसी मकान में राजमिस्त्री का काम कर रहा था.

सुबह बच्चों को पीट रही थी काजल 

कुछ महिलाओं का कहना है कि मृतक दिव्यांशु की मां काजल देवी अपने दोनों पुत्रों के साथ मारपीट कर रही थी. दिन में पोतों को क्रूरता से पीटते देख दादी का कलेजा पसीज गया. वह दोनों बच्चों को अपने पास ले आयी. इसी बीच सास-बहू में भी बहस हो गयी. बहू ने अपने पति को फोन कर सारी बात बतायी. उसके बाद रात में उसने घटना को अंजाम दिया. अब पुलिस फरार पिता की तलाश में जुटी है, ताकि इस दर्दनाक घटना के पीछे के कारणों का पता चल सके.

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