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जनप्रतिनिधियों से गुहार के बाद भी नहीं बन पायी थी सड़क
टाटीझरिया. प्रखंड क्षेत्र के डुमर गांव से खरिका तक दो किमी सड़क की ग्रामीणों ने श्रमदान से मरम्मत की. डुमर से खरिका तक यह सड़क काफी खराब हो चुकी थी. ग्रामीण वर्षों से इस जर्जर सड़क की समस्या से परेशान थे. इस सड़क पर साइकिल व मोटरसाइकिल तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल और जोखिम भरा था. हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी. ग्रामीणों के अनुसार, बरसात में इस सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता था. सड़क निर्माण को लेकर विधायक, सांसद व जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगा चुके थे. सभी ने सिर्फ आश्वासन ही दिया. चुनाव के समय सड़क बना देने की बात कही थी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनप्रतिनिधि रास्ता भूल गये. जिसके बाद श्रमदान से सड़क की मरम्मत करने का निर्णय लिया गया. चंदा कर जेसीबी मशीन लायी गयी अौर श्रमदान कर सड़क मरम्मत का कार्य पूरा किया गया. श्रमदान में कुंदन ठाकुर, शंकर सिंह, कृपाशंकर पांडेय, अनिल राणा, दयाशंकर पांडेय, सेवा प्रजापति, संजय राणा, जयशंकर पांडेय, अजय सिंह, मुकेश प्रजापति, रंजीत प्रजापति, जगन यादव, पप्पू प्रजापति सहित अन्य ग्रामवासी शामिल थे