मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन काफी निराशाजनक रहा. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी अस्थिरता और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली. गुरुवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक करीब 1 प्रतिशत तक टूटकर बंद हुए.
बाजार के प्रमुख आंकड़े
आज के कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 829.29 अंक (1.08%) की गिरावट के साथ 76,034.42 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 227.70 अंक (0.95%) फिसलकर 23,639.15 के स्तर पर आ गया. मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को काफी नुकसान हुआ.
गिरावट के मुख्य कारण
कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं. भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा बढ़ गया है.
पश्चिम एशिया में तनाव: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और लाल सागर (Red Sea) में जहाजों पर हमलों की खबरों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. हालांकि, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ईरानी समकक्ष से बातचीत और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के आश्वासन से थोड़ी राहत मिली, लेकिन बाजार का डर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ.
रुपये में कमजोरी: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अपने ऐतिहासिक निचले स्तर (करीब 92.36) पर पहुंच गया. हालांकि बाद में आरबीआई (RBI) के हस्तक्षेप से इसमें मामूली सुधार हुआ, लेकिन कमजोरी बरकरार है.
सेक्टर का हाल
आज ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा. महिंद्रा एंड महिंद्रा, आयशर मोटर्स और मारुति सुजुकी जैसे बड़े शेयरों में भारी गिरावट देखी गई. गैस आपूर्ति में संभावित बाधाओं और लागत बढ़ने की आशंका ने ऑटो इंडेक्स को नीचे धकेल दिया. इसके अलावा एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में भी बिकवाली रही.
दूसरी ओर, केवल ऑयल एंड गैस इंडेक्स ही बढ़त बनाने में सफल रहा, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से ऊर्जा कंपनियों को फायदा होने की उम्मीद है. कोल इंडिया, एनटीपीसी और पावर ग्रिड जैसे शेयरों में मामूली खरीदारी देखी गई.
बाजार जानकारों का मानना है कि निफ्टी के लिए 23,500 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है. अगर बाजार इससे नीचे जाता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है. ऊपर की ओर 23,700 से 24,000 का स्तर एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल भारी निवेश से बचें और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखें.


