भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का दिन किसी ‘ब्लैक फ्राइडे’ से कम साबित नहीं हो रहा है. एशियाई बाजारों में भारी गिरावट और पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के खतरों ने घरेलू निवेशकों के होश उड़ा दिए हैं. शुक्रवार को बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर चला कि देखते ही देखते बीएसई सेंसेक्स और एनएसई (NSE) निफ्टी धराशायी हो गए.
बाजार का हाल: सुबह से ही हाहाकार
कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही सेंसेक्स 700 अंकों की गिरावट के साथ खुला, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, गिरावट गहराती गई. एक समय सेंसेक्स करीब 1,350 अंक (1.8%) टूटकर 74,700 के स्तर के पास पहुंच गया. वहीं, निफ्टी 50 भी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया. इस जबरदस्त बिकवाली के कारण महज कुछ ही घंटों में निवेशकों की करीब 9 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई.
गिरावट के 4 बड़े कारण
ईरान-अमेरिका युद्ध का डर: ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के ताजा बयान ने आग में घी डालने का काम किया है. उन्होंने ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को बंद करने के संकेत दिए हैं, जिसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग माना जाता है. इससे वैश्विक आपूर्ति ठप होने की आशंका बढ़ गई है.
कच्चा तेल $100 के पार: युद्ध की आहट से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. भारत अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है, ऐसे में महंगा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था और महंगाई के लिए बड़ा खतरा है.
विदेशी निवेशकों (FII) की भागमभाग: विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं. अकेले गुरुवार को उन्होंने 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे, जिससे बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ गया.
रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर (92.44) पर पहुंच गया है. कमजोर रुपये ने आईटी और बैंकिंग सेक्टर पर दबाव बढ़ा दिया है.
सेक्टर का प्रदर्शन: चारों तरफ लाल निशान
बाजार में सबसे ज्यादा मार मेटल, आईटी और बैंकिंग शेयरों पर पड़ी है. टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे मेटल शेयर वैश्विक मांग घटने के डर से टूट रहे हैं. वहीं, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने निफ्टी को नीचे खींच लिया है. हालांकि, इस सुनामी के बीच हिंदुस्तान यूनिलीवर और नेस्ले जैसे ‘डिफेंसिव’ शेयरों में मामूली खरीदारी देखी जा रही है.
IPO मार्केट पर भी नजर
बाजार की इस अस्थिरता के बीच आज ‘हाईवे इंफ्रा इनविट’ (InvIT) और ‘अप्सिस एयरोकॉम’ के आईपीओ (IPO) में निवेश का आखिरी दिन है. जहां बड़े निवेशक सावधानी बरत रहे हैं, वहीं अप्सिस एयरोकॉम के आईपीओ में रिटेल निवेशकों का उत्साह अब भी बना हुआ है.
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. निवेशकों को फिलहाल नई खरीदारी से बचकर ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनानी चाहिए.


