देवघर: सोमवार से शारदीय नवरात्र का आरंभ हो गया है. नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा हुई. धार्मिक परंपरा के अनुसार इस वर्ष माता का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे सुख-समृद्धि और उन्नति का प्रतीक माना गया है. इस पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम सहित पूरे देवघर नगर में आस्था का अद्भुत उत्सव देखने को मिल रहा है. नवरात्र की प्रथम तिथि पर सोमवार सुबह से ही बाबा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. आसपास के जिलों और ग्रामीण अंचलों से आए हजारों श्रद्धालु माता दुर्गा और भगवान भोलेनाथ की आराधना में लीन दिखाई दिए.
मंदिर के पुजारी अंकित बाबा ने बताया कि नवरात्रि के पूरे दस दिनों तक बाबा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा. माता रानी की पूजा तांत्रिक विधि से संपन्न होगी, जिसमें सम्मिलित भक्तों पर दिव्य अनुग्रह की वर्षा होती है. वहीं, मंदिर के वरिष्ठ पुजारी बाबा लंबोदर परिहस्त ने कहा कि प्रतिदिन हवन के साथ मंदिरों में विशेष पूजा होगी. इसके बाद सप्तमी और अष्टमी के दिन मंदिर का पट बंद कर दिया जाता है और फिर विशेष अनुष्ठान के साथ पूजा संपन्न हो जाता है
श्रद्धालुओं का कहना है कि बैद्यनाथ धाम का महत्व इसलिए और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यहां भगवान भोलेनाथ का ज्योतिर्लिंग तथा शक्ति पीठ दोनों विराजमान हैं. यही कारण है कि दुर्गा पूजा के अवसर पर यहां भक्तों की असाधारण भीड़ उमड़ती है. श्रद्धालुओं ने बताया कि नवरात्रि में यहां भोलेनाथ और माता शक्ति की संयुक्त आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

नवरात्र की गूंज से बाबा नगरी का कण-कण भक्ति और आस्था से सराबोर है. मंदिर परिसर में हर ओर घंटियों की ध्वनि, मंत्रोच्चार और जयकारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा है. दुर्गा पूजा के मौके पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. एसपी सौरव कुमार ने मंदिर का निरीक्षण किया और मंदिर की सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया.


