एडोबी के सीईओ शांतनु नारायण ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है. 18 वर्षों तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद, उन्होंने उत्तराधिकारी मिलने तक इस पद पर बने रहने का फैसला किया है. इस खबर के आते ही शेयर बाजार में खलबली मच गई और नैस्डैक (NASDAQ) पर एडोबी के शेयर 7% तक गिर गए.
सैन जोस, कैलिफोर्निया स्थित एडोबी मुख्यालय से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, शांतनु नारायण तब तक सीईओ के रूप में काम करते रहेंगे जब तक बोर्ड उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति नहीं कर देता. इसके बाद, वह कंपनी के बोर्ड ऑफ चेयरपर्सन की भूमिका निभाते रहेंगे.
उत्तराधिकारी की तलाश
कंपनी के निदेशक मंडल ने नए सीईओ की पहचान करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है. इस समिति की अध्यक्षता एडोबी के लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर फ्रैंक काल्डेरोनी करेंगे. यह समिति आंतरिक और बाहरी दोनों तरह के उम्मीदवारों पर विचार करेगी ताकि एडोबी को एआई (AI) के इस नए युग में सही नेतृत्व मिल सके.
शांतनु नारायण का ऐतिहासिक कार्यकाल
शांतनु नारायण 1988 में एक वाइस प्रेसिडेंट के रूप में एडोबी से जुड़े थे और 2007 में सीईओ बने. उनके 18 साल के कार्यकाल को ‘ऐतिहासिक’ माना जाता है क्योंकि, उन्होंने एडोबी को पारंपरिक सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग से हटाकर क्लाउड-आधारित सब्सक्रिप्शन मॉडल (Creative Cloud) पर शिफ्ट किया, जिसने कंपनी की कमाई के तरीके को हमेशा के लिए बदल दिया. उनके नेतृत्व में फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर और प्रीमियर प्रो जैसे टूल्स डिजिटल इंडस्ट्री के मानक बन गए. र्तमान में एडोबी ‘फायरफ्लाई’ जैसे टूल्स के जरिए एआई के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रहा है.
सत्य नडेला की प्रतिक्रिया
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने नारायण के योगदान की सराहना करते हुए इसे एक “शानदार पारी” बताया. उन्होंने कहा कि शांतनु ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक का निर्माण किया है और क्रिएटिव इकोसिस्टम पर उनका गहरा प्रभाव रहा है.
शेयर बाजार में गिरावट की वजह
निवेशकों के बीच इस इस्तीफे को लेकर चिंता है. पिछले कुछ समय से एडोबी को जनरेटिव एआई के क्षेत्र में नए स्टार्टअप्स से कड़ी टक्कर मिल रही है. ऐसे समय में नारायण जैसे अनुभवी नेता का पद छोड़ना निवेशकों के लिए एक अनिश्चितता का संकेत है, जिससे शेयरों में 7% की गिरावट दर्ज की गई.


