Thursday, March 19, 2026

शराब जांच के बहाने 100000 रुपये की ठगी – पुलिस की वर्दी में ठग ने रिटायर्ड शिक्षक को लूटा

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बेतिया में एक सेवानिवृत्त शिक्षक प्रभु प्रसाद को पुलिस की वर्दी में एक ठग ने शराब जांच के बहाने एक लाख रुपये ठग लिए। यह घटना तब हुई जब प्रभु प्रसाद डाकघर से पैसे निकालकर घर जा रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठग ने खुद को डायल 112 का सिपाही बताकर शिक्षक को बातों में उलझाया और पैसे लेकर फरार हो गया।

बेतिया। कालीबाग थाना क्षेत्र के उत्तरवारी पोखरा के समीप शराब जांच करने के बहाने पुलिस की वर्दी में एक अपराधी ने सेवानिवृत शिक्षक प्रभु प्रसाद से एक लाख रुपये ठग लिए। ज्योति नगर झीलिया वार्ड चार निवासी प्रभु प्रसाद डाकघर से रुपये की निकासी कर साइकिल से घर लौट रहे थे।

  • इसी दौरान अपराधी उन्हें झांसा देकर रुपये ठग लिए। घटना 26 जुलाई की है। मामले में प्रभु प्रसाद ने कालीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
  • एसडीपीओ विवेक दीप ने बताया कि प्रभु प्रसाद की शिकायत पर कालीबाग थाने की पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। दर्ज प्राथमिकी में प्रभु प्रसाद ने पुलिस से बताया है कि 26 जुलाई की दोपहर वे मुख्य डाकघर से एक लाख रुपये की निकासी कर साइकिल से घर लौट रहे थे।
  • उत्तरवारी पोखरा से उत्तर दिशा में स्थित कबाड़ की दुकान से पश्चिम करीब 50 फीट की दूरी पर पहुंचे तो एक बाइक सवार व्यक्ति उनसे पूछा कि इस क्षेत्र में जमीन का भाव क्या है। अभी वे लोग बात ही कर रहे थे कि एक अपराधी आया। वह पुलिस की ड्रेस में था, लेकिन टोपी नहीं पहना था।
  • अपराधी ने बाइक सवार व्यक्ति से कहा कि तुम शराब पीकर खाली बोतल घास में फेंके हो। उसके इनकार करने पर उसकी बाइक की डिक्की जांच करने लगा। फिर प्रभु प्रसाद से पूछा कि तुम कहा से आ रहे हो। बताने पर की डाकघर से आ रहे हैं, वह जोर देने लगा कि तुम शराब पीकर खाली बोतल फेके हो।
  • प्रभु प्रसाद ने उससे बताया कि वे सेवानिवृत्ति शिक्षक हैं, शराब नहीं पीते हैं। अपने घर झिलिया जा रहे हैं। फिर पुलिस ड्रेस वाले अपराधी ने पूछा कि जेब में क्या रखे हो। बताने पर की जेब में रुपये है, उसने रुपये निकालने को कहा। यह सुन प्रभु प्रसाद ने उससे पूछा कि आप कौन हो।

तब उसने कहा कि वह डायल 112 के पुलिस टीम का सिपाही है। गाड़ी रोड पर लगी है। उसे चेक करने के लिए इधर भेजा गया है। यह सुन प्रभु प्रसाद ने 50-50 हजार रुपये का दो गड्डी और डाकघर का पासबुक निकाल कर उसे दे दिया।

अपराधी उन्हें बातों में उलझाकर रुपये की गड्डी और पासबुक एक गमछा में रखने लगा। फिर प्रभु प्रसाद को दिग्भ्रमित कर गमछा लपेटकर उन्हें वापस कर दिया। कुछ दूर आगे बढ़ने पर प्रभु प्रसाद गमछा खोले तो पता चला कि गमछा में सिर्फ पासबुक है। रुपये नहीं है। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की।

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