WhatsApp जल्द ही अपने चैनल्स को नया रूप देने वाला है. कंपनी अभी पेड चैनल्स और प्रीमियम सब्सक्रिप्शन की सुविधा पर काम कर रही है. इससे चैनल बनाने वाले लोग अपनी मेहनत से कमाई कर सकेंगे और यूज़र्स को एक्सक्लूसिव कंटेंट मिलेगा. यह फीचर अभी डेवलपमेंट स्टेज में है और एंड्रॉयड के कुछ बीटा वर्ज़न में टेस्ट हो रहा है.
Wabetainfo की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाट्सएप चैनल्स शुरू से फ्री रहे हैं. लोग बिना किसी पैसे दिए अपनी पसंद के चैनल फॉलो कर अपडेट्स पढ़ सकते हैं, लेकिन अब क्रिएटर्स के लिए नई संभावनाओं को खोला जा रहा है. अब वो अफने चैनल में पेड सब्सक्रिप्शन को जोड़ सकेंगे. सब्सक्राइब करने वाले यूज़र्स को स्पेशल और एक्सक्लूसिव पोस्ट्स मिलेंगे, जबकि फ्री यूज़र्स को पुरानी तरह नॉर्मल अपडेट्स की जानकारी मिलती रहेगी. यह फीचर दोनों तरफ के लिए फायदेमंद हो सकती है.
चैनल के मालिक चैनल की जानकारी वाले स्क्रीन पर आसानी से सब्सक्रिप्शन सेट कर सकेंगे. वो तय करेंगे कि कितना चार्ज करना है. सब्सक्राइब करने के बाद यूजर्स को फ्री और पेड कंटेंट को अलग-अलग फिल्टर से देखने की सुविधा मिलेगी, ताकि कोई कन्फ्यूजन न हो. उधर फ्री एक्सपीरियंस बिल्कुल वैसा ही रहेगा. कोई भी यूजर बिना पैसे दिए चैनल फॉलो कर सकता है.
व्हाट्सएप सब्सक्रिप्शन मॉडल की खास बातें
ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने के लिए सब्सक्राइबर्स की संख्या सबको दिखाई जाएगी. चैनल इंफो स्क्रीन पर फॉलोअर्स की कुल संख्या के साथ सब्सक्राइबर्स की संख्या भी दिखेगी. यहां तक कि जो लोग सिर्फ फ्री कंटेंट देखते हैं, वो भी यह संख्या देख सकेंगे. इससे नए यूजर्स को फैसला लेने में आसानी होगी. अगर किसी चैनल के सब्सक्राइबर्स ज्यादा हैं तो लोग उसे ज्यादा भरोसेमंद मान सकते हैं.
यह सब्सक्रिप्शन पूरी तरह ऑप्शनल रहेगा. यूजर्स को जबरदस्ती कुछ भी पेमेंट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अगर कोई चैनल पेड ऑफर करता है तो भी फ्री कंटेंट सबके लिए उपलब्ध रहेगा. इसके अलावा अगर क्रिएटर्स भी चाहते हैं कि उन्हें पेड सब्सक्रिप्शन ऑन नहीं करना है तो वो भी ऐसा कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पेड एरिया में शेयर किया गया कंटेंट भी व्हाट्सएप की टर्म्स ऑफ सर्विस का पालन करेगा. कोई गैरकानूनी या हानिकारक सामग्री नहीं डाली जा सकेगी.
यह फीचर अभी पूरी तरह तैयार नहीं है. व्हाट्सएप इसे परफॉर्मेंस और स्टेबिलिटी के हिसाब से बेहतर बना रहा है. Android बीटा यूजर्स में कुछ टेस्टिंग चल रही है, खासकर सब्सक्राइबर्स की संख्या दिखाने पर. जल्द ही इसे और यूजर्स तक पहुंचाया जाएगा. कुल मिलाकर यह बदलाव क्रिएटर्स के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है, जबकि आम यूजर्स को ज्यादा बेहतर कंटेंट चुनने का विकल्प मिलेगा.


