रांचीः झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार से मिलकर नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी के प्रभारी कुलसचिव, डीन स्टूडेंट वेलफेयर, सीसीडीसी और प्रॉक्टर समेत अन्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहल करने का आग्रह किया है. पूरा मामला यूनिवर्सिटी भवन के निर्माण कार्य में बरती गई अनियमितता से जुड़ा है.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी बिल्डिंग के निर्माण में गड़बड़ी संबंधी जांच कराने के लिए राज्यपाल के प्रति आभार प्रकट किया. उन्होंने भवन निर्माण की गुणवत्ता और अनियमितता से जुड़े अन्य विषयों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने का भी आग्रह किया. साथ ही राज्य के 2024-25 के राजस्व संग्रहण और राज्य के विकास योजनाओं के संबंध में भी जानकारी दी.
दरअसल, 13 फरवरी 2025 को मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्यपाल से मिलकर नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय, पलामू के भवन निर्माण की गुणवत्ता के संदर्भ में शिकायत की थी. राज्यपाल ने इस पर संज्ञान लेते हुए 3 सदस्यीय जांच समिति गठित की थी. समिति ने स्थल निरीक्षण कर विसंगतियों की जांच कर राज्यपाल के समक्ष अपना प्रतिवेदन समर्पित किया था. प्रतिवेदन के अनुसार, निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप नहीं पाया गया. यह भी पता चला कि संवेदक के स्तर पर निम्न गुणवत्ता का कार्य किया गया है.
इस मामले में जांच रिपोर्ट आने पर कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने बिना समुचित निरीक्षण के भवन को कैसे हस्तांतरित कर लिया, जबकि वहां पेयजल का भी घोर अभाव है. तब राज्यपाल ने झारखंड भवन निर्माण निगम के एमडी को हाई लेवल कमेटी गठन कर कमियों की गहन समीक्षा करने, बीओक्यू और एग्रीमेंट के तहत कार्यों में पाई गई विसंगतियों पर स्पष्ट प्रतिवेदन देने को कहा था. उन्होंने जेएसबीसीसीएल पलामू के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.