Sunday, March 22, 2026

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नॉर्वे के वित्त मंत्री से अक्षय ऊर्जा, सौर शक्ति और दुर्लभ खनिजों में निवेश एवं आपसी सहयोग पर चर्चा की.

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ओस्लो: भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की नॉर्वे यात्रा ने दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. ओस्लो में नॉर्वे के वित्त मंत्री जेन्स स्टोल्टेनबर्ग के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में अक्षय ऊर्जा, रेयर अर्थ प्रोसेसिंग और हरित निवेश पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया.

बता दें कि, इस पहल का उद्देश्य तकनीकी सहयोग, साझा खनन, और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भरता हासिल करना है, जिससे ईवी (EV) और रक्षा उत्पादन में चीन पर निर्भरता कम हो सके. भारत इस क्षेत्र में निजी निवेश के साथ-साथ घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.

अक्षय ऊर्जा और तकनीक पर जोर
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के दायरे को विस्तार देने पर चर्चा की. इसमें विशेष रूप से सौर ऊर्जा, कार्बन कैप्चर और स्टोरेज (CCS), और रेयर अर्थ प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया. भारत के लिए दुर्लभ खनिजों में सहयोग रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये तकनीक और हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए अनिवार्य हैं.

निवेश और आर्थिक समझौता (TEPA)
वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लाभों को जमीनी स्तर पर उतारने की प्रतिबद्धता जताई. इस समझौते के माध्यम से ‘ब्लू इकोनॉमी’ और ‘ग्रीन इकोनॉमी’ के क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की अपार संभावनाएँ हैं. सीतारमण ने नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड को भारत के विकास में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया, जो दुनिया के सबसे बड़े निवेश फंडों में से एक है.

पीएम मोदी के दौरे की तैयारी
बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आगामी नॉर्वे यात्रा रही. स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि नॉर्वे इस साल के अंत में होने वाले पीएम मोदी के दौरे का उत्सुकता से इंतजार कर रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत करेगी.

भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति
नॉर्वे के वित्त मंत्री ने भारत की आर्थिक विकास दर की सराहना करते हुए कहा कि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और विकासशील गंतव्य है. वित्त मंत्री सीतारमण ने भी नॉर्वेजियन निवेशकों को GIFT-IFSC (गुजरात) में उपलब्ध अवसरों को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया, जो भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है.

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