Tuesday, March 17, 2026

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पहली बार झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि राज्य सरकार के शिष्टमडंल के साथ विदेश दौरे पर जाएंगे.

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रांची: झारखंड सरकार के उद्योग निदेशालय द्वारा फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और महासचिव रोहित अग्रवाल को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 में झारखंड राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने के लिए नामित किया गया है. यह बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होगी.

यह पहला अवसर है जब झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स राज्य सरकार के शिष्टमंडल के साथ राज्य के औद्योगिक विकास के लिए विदेशी दौरा करेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो झारखंड के लिए ऐतिहासिक है. यह राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के साथ ही WEF जैसे वैश्विक मंच पर पहली बार भागीदारी है.

झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा एवं महासचिव रोहित अग्रवाल राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ 17 जनवरी को दोपहर 2 बजे रांची से दिल्ली होते हुए दावोस के लिए रवाना होंगे.

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि विकसित राज्यों और देशों में सरकार उद्योग-व्यापार को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर चैंबर को प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनाया जाना ऐतिहासिक कदम है. झारखंड खनिज संपदा, जलवायु नियंत्रण, ग्रीन एनर्जी, रिन्यूएबल एनर्जी एवं क्रिटिकल मिनरल्स जैसे सूर्योदय क्षेत्रों में अग्रणी बनने की क्षमता रखता है. इस पहल से राज्य का बजट आकार, जीडीपी और निवेश संभावनाएं मजबूत होंगी. यह यात्रा राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी.

महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि चैंबर को इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाना अत्यंत गौरव की बात है. दावोस में 130 देशों के लगभग 3000 वैश्विक लीडर्स और 850 टॉप सीईओ मौजूद रहेंगे, जहां चैंबर अपने विचार रखेगा.

सह-सचिव रोहित पोद्दार ने बताया कि राज्य गठन के 25 वर्षों में यह पहला मौका है जब उद्योग-व्यवसाय जगत को इस स्तर पर प्रतिनिधित्व मिला है. दावोस में देश के अन्य 10 राज्यों के साथ झारखंड को अलग हैंगर मिलना बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया.

पूर्व चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि जब राज्य के मुखिया स्वयं उद्योग जगत को साथ लेकर चलते हैं, तो निवेशकों का विश्वास बढ़ता है. यह निर्णय झारखंड के व्यापारियों और उद्यमियों के लिए प्रेरणादायी है. उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद दिया और कहा कि यह हमारा सपना था जो अब पूरा हुआ है.

उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि चैंबर की स्थापना के 65 वर्षों में पहली बार झारखंड सरकार के साथ वैश्विक मंच पर सहभागिता मिल रही है, जो राज्य के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है.

कार्यकारिणी सदस्य आस्था किरण ने कहा कि दावोस सम्मेलन केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व का भी मंच है. विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन द्वारा महिला प्रतिनिधित्व राज्य के लिए गर्व की बात है.

कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, विकास विजयवर्गीय, अमित शर्मा, अनिष बुधिया एवं डॉ. अभिषेक रामाधीन ने संयुक्त रूप से कहा कि यह निर्णय झारखंड के लिए ऐतिहासिक है. सरकार के साथ चैंबर की सहभागिता नई शुरुआत है और इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र दिखाई देंगे. यह दौरा झारखंड को क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

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