लातेहार: पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी अभियान चलाकर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन संघर्ष जनमुक्ति मोर्चा के दो उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार उग्रवादियों में जोनल कमांडर प्रदीप सिंह और किशुन भगत शामिल हैं. दोनों लातेहार थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. पुलिस इनके पास से दो राइफल और दो जिंदा गोली के अलावा कई अन्य सामान भी बरामद किया है. इन्हीं उग्रवादियों के द्वारा गत 24 दिसंबर को लेवी के लिए लातेहार के उलगड़ा गांव के पास पुल निर्माण कार्य में लगे मुंशी की हत्या भी की गई थी.
दरअसल, लातेहार एसपी कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली थी कि चंदवा थाना क्षेत्र के नगर गांव के पास एसजेएमएम उग्रवादी संगठन के कुछ उग्रवादी जमा हुए हैं और किसी हिंसक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं.
सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीडीपीओ अरविंद कुमार और थाना प्रभारी दुलड़ चौड़े के नेतृत्व में पुलिस की टीम गठित की गई और उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की गई. हालांकि पुलिस को देखकर दोनों उग्रवादियों ने भागने का प्रयास किया परंतु पुलिस ने उन्हें चारों ओर से घेर कर गिरफ्तार कर लिया. छानबीन के बाद उनके पास से दो राइफल और जिंदा गोली के अलावा उग्रवादी संगठन का पर्चा भी बरामद किया गया.
कई मामलों के आरोपी हैं गिरफ्तार उग्रवादी
गुरुवार को एसपी कुमार गौरव ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उग्रवादियों के द्वारा औरंगा नदी पर बना रहे पुल निर्माण योजना के पास फिर से हिंसक घटना को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस की टीम ने छापेमारी कर दो उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादियों के द्वारा ही गत 24 दिसंबर को लातेहार थाना क्षेत्र में पुल निर्माण कार्य में लगे एक मुंशी की हत्या कर दी गई थी.
इसके अलावा गिरफ्तार प्रदीप सिंह पर हत्या का एक और भी मामला पूर्व में ही दर्ज था. वहीं किशुन भगत के खिलाफ भी विभिन्न थाना क्षेत्र में कई मामले दर्ज हैं. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादियों के द्वारा क्षेत्र में कार्य कर रहे संवेदकों से रंगदारी की मांग भी की जाती थी.
गिरफ्तार उग्रवादियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि लेवी के लिए उन लोगों के द्वारा मुंशी की हत्या कर दी गई थी. उग्रवादियों के द्वारा मृतक मुंशी का मोबाइल भी अपने साथ ले गये थे. पुलिस ने उग्रवादियों के निशानदेही पर, मृतक मुंशी का मोबाइल भी बरामद कर लिया.
उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए छापामारी अभियान में सीडीपीओ अरविंद कुमार, थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दुलड़ चौड़े, सब इंस्पेक्टर राजा दिलावर, विक्रांत उपाध्याय, मनोज कुमार, राहुल सिन्हा, सुरेंद्र कुमार महतो, रमाकांत गुप्ता समेत अन्य पुलिस अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही.