लखीसराय: पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी रिलायंस फाइनेंस से लोन दिलाने के नाम पर प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में दस लाख रुपये से नीचे के लोन पर 25 सौ रुपये एवं दस लाख से अधिक के लोन पर 31 सौ रुपये का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करते हैं.
लखीसराय: साइबर थाना की पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में साइबर थाना लखीसराय की पुलिस ने डीएसपी सह साइबर थानाध्यक्ष सुचित्रा कुमारी के नेतृत्व में शहर के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत धर्मरायचक मुहल्ले में छापेमारी कर दो अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है. गिरफ्तार अपराधी शेखपुरा जिला के निवासी हैं तथा धर्मरायचक मुहल्ले में किराये पर कमरा लेकर रहा करते थे.
लोन दिलाने के नाम पर करते थे ठगी: डीएसपी
इस संबंध में डीएसपी सह साइबर थानाध्यक्ष सुचित्रा कुमारी ने अपने कार्यालय में बुधवार को एक प्रेस वार्ता कर बताया कि साइबर थाना लखीसराय को विगत कुछ समय से साइबर अपराधियों की सूचना केंद्रीकृत पोर्टल एनसीआरपी एवं प्रतिबिंब पोर्टल पर मोबाइल नंबर 8670565269 के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हो रही थी. जिसमें लोगों को रिलायंस फाइनेंस से लोन दिलाने के नाम पर ठगी किया जाता है. जिसके बाद उनके द्वारा साइबर थाना लखीसराय के तकनीकी टीम को इसकी जांच के लिए आदेशित किया गया. उन्होंने बताया कि प्रतिबिंद पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर जांच प्रारंभ किया गया. जांच के क्रम में यह बात पता चला कि लखीसराय में एक सुसंगठित साइबर अपराधियों का गिरोह सक्रिय है. तकनीकी अनुसंधान के उपरांत उनके द्वारा लखीसराय जिला अंतर्गत सक्रिय गिरोह की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम को भेजा गया. जिसमें दो साइबर अपराधियों को ठगी में उपयोग करने वाले मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया गया.
चार मोबाइल एवं एक बाइक जब्त
उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी साइबर अपराधी रिलायंस फाइनेंस से लोन दिलाने के नाम पर प्रोसेसिंग चार्ज के रूप में दस लाख रुपये से नीचे के लोन पर 25 सौ रुपये एवं दस लाख से अधिक के लोन पर 31 सौ रुपये का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करते हैं. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में पड़ोसी जिला शेखपुरा जिला के बरबीघा थाना क्षेत्र के खलीलचक निवासी उदय सिंह का 32 वर्षीय पुत्र गुलशन कुमार एवं अरुण सिंह का 27 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार शामिल है. जिनके पास से ठगी में शामिल चार मोबाइल एवं एक बाइक को भी जब्त किया गया है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के साथ इस मामले में कुछ और लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है साथ ही डेटा उपलब्ध कराने में कुछ लोग के शामिल होने की भी बात हैं, जिनकी पहचान की जा रही है. उन्होंने बताया कि साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी में शामिल छापेमारी दल में उनके अलावा साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक विकास कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक अन्नु कुमारी, सहायक अवर निरीक्षक प्रकाश कुमार तिवारी, प्रोग्रामर रत्नेश कुमार, सिपाही गौतम कुमार एवं डीआईयू टीम शामिल थी