Wednesday, February 11, 2026

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर केंद्र सरकार की ओर से जारी नई गाइडलाइंस पर राजनीति शुरू हो गई है.

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रांची: केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर जारी नई गाइडलाइंस के तहत, अब यह राष्ट्रगान जन गण मन से पहले गाया जाएगा. अब इसे विशेष सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा. यानी अब प्रमुख कार्यक्रमों में भी वंदे मातरम गाया जाएगा. बुधवार को जारी नए नियमों के तहत, राष्ट्रगान के छह अंतरे बजाना जरूरी होगा, और उन्हें 3 मिनट 10 सेकंड के अंदर गाया या बजाया जाना अनिवार्य होगा. अभी राष्ट्रगान की अवधि 52 सेकंड है.

केंद्र सरकार के इस फैसले पर सियासत छिड़ गई है. प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस फैसले के लिए बीजेपी की वोट बैंक राजनीति को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्र के सम्मान, स्वाभिमान और देश के गौरव का प्रतीक है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की इस पर राजनीति करना बेहद खराब चीज है.

प्रदीप यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी वंदे मातरम और तिरंगे का अपमान करती रही है और वोट बैंक की राजनीति के कारण इस तरह के फैसले को अनिवार्य करना चाहती है.

वहीं कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राष्ट्रवादी चीजों का भी राजनीतिकरण करने से बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि जिस तरह से बीजेपी राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का राजनीतिकरण कर रही है, उससे हमें लगता है कि देश में मौजूदा माहौल से बचने के लिए ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं.

इन मौकों पर अनिवार्य होगा राष्ट्रीय गीत

केंद्र सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, सिविल सम्मान समारोह (पद्म पुरस्कार), आधिकारिक सरकारी समारोहों और सरकार द्वारा आयोजित अन्य कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आने और जाने पर वंदे मातरम गाना या बजाना जरूरी होगा. इसके अलावा, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में राष्ट्रीय गीत बजाया जाएगा.

इसके अलावा, राज्यपाल/उपराज्यपाल के अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में किसी भी सरकारी समारोह में उनके आने और जाने पर राष्ट्रीय गीत बजाया जाएगा. साथ ही जब भी किसी परेड में राष्ट्रीय झंडे को लाया जाएगा, और जब भी सरकार कोई विशेष आदेश जारी करेगी. तब भी राष्ट्रीय गीत बजाना होगा.

अधिसूचना के मुताबिक, उन सभी अवसरों पर भी राष्ट्रीय गीत गाया जाएगा, जो भले ही औपचारिक ना हो, मगर मंत्रियों आदि की उपस्थिति के कारण अहम हो. उन अवसरों पर भी ये बजाया जा सकता है, इसके साथ ही स्कूलों में भी रोज सुबह राष्ट्र गीत बजाया जाना चाहिए. इसके लिए स्कूलों को इसके लिए व्यवस्था करनी होगी.

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