दिल्ली में राशन कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है, जिसमें कई राशन कार्डों को रद्द किया जाएगा और नए आवेदकों के कार्ड जोड़े जाएंगे.
भारत सरकार राशन कार्ड धारकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (National Food Security Scheme) के तहत मुफ्त अनाज वितरण प्रमुख है. इसके अलावा, राशन कार्ड धारकों को कई अन्य केंद्रीय योजनाओं का लाभ भी मिलता है. केंद्र सरकार राशन कार्ड के माध्यम से होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) करवा रही है. ई-केवाईसी नहीं होने पर राशन कार्ड धारकों की मुफ्त राशन सुविधा बंद हो सकती है, जिसको लेकर सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं.
अब दिल्ली सरकार ने भी राशन कार्ड को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है. दिल्ली सरकार राशन कार्ड धारकों का सत्यापन (Verification) कराने जा रही है. इस सत्यापन के तहत उन लोगों के राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में नहीं आते हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है. ऐसे में आपको अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र देना होगा, अन्यथा आपको राशन कार्ड पर मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिलेंगी.
दिल्ली में 12 साल से नहीं हुआ सत्यापन
नियमानुसार, हर पांच साल में राशन कार्ड का सत्यापन और नवीनीकरण (Renewal) होना चाहिए. इसके तहत राशन कार्ड में नए लोगों को जोड़ा जाता है और अपात्र लोगों को हटाया जाता है. हालांकि, 2013 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से दिल्ली में राशन कार्डों का सत्यापन नहीं हुआ है और तब से लेकर अब तक राशन कार्ड के कई आवेदन लंबित पड़े हैं. अब दिल्ली में राशन कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है, जिसमें कई राशन कार्डों को रद्द किया जाएगा और योग्य नए आवेदकों के कार्ड जोड़े जाएंगे.
किन लोगों का राशन कार्ड होगा रद्द?
अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के दौरान उन लोगों के राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे जो केवल निवास प्रमाण पत्र के लिए राशन कार्ड रखते हैं या जिन्हें सरकारी नौकरी मिल गई हो या उनकी आय बढ़ गई हो. साथ ही, उन लोगों के कार्ड भी रद्द किए जाएंगे जिनकी 2013 के बाद मृत्यु हो चुकी है. सत्यापन के दौरान ऐसे लोगों की गहन जांच की जाएगी और उनके राशन कार्ड हटा दिए जाएंगे.
दिल्ली में राशन कार्ड धारकों की संख्या
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस समय 17,78,372 राशन कार्ड धारक हैं. इनमें अंत्योदय अन्न योजना (AAY) धारक 68,708 हैं और प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) धारक 17,09,664 हैं.