यूरिक एसिड शरीर का एक वेस्ट प्रोडक्ट है. यह तब बनता है जब शरीर हमारे खाने में पाए जाने वाले “प्यूरीन” नाम के केमिकल्स को तोड़ता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आम तौर पर, यूरिक एसिड खून में घुल जाता है और किडनी द्वारा फिल्टर किया जाता है, फिर पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है. लेकिन, एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जब इसका लेवल बहुत ज्यादा हो जाता है या जब किडनी इसे ठीक से बाहर नहीं निकाल पातीं, तो यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है और बाद में यह जोड़ों और टिशूज के आसपास सुई जैसे क्रिस्टल बना लेता है, जिससे सूजन, दर्द और गाउट जैसी गंभीर समस्याएं होती हैं.
आइए इस न्यूज रिपोर्ट से जानते हैं कि जब शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ता है तो यह समस्या अक्सर हाथों, पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों को कैसे प्रभावित करती है?
हाई यूरिक एसिड लेवल इस तरह आपके हाथों, पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों को प्रभावित करती है…
जोड़ों में दर्द, सूजन (गाउट)
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाई यूरिक एसिड लेवल (हाइपरयूरिसीमिया) का एक मुख्य लक्षण जोड़ों में अचानक, तेज दर्द होना है, खासकर पैर के बड़े अंगूठे में, जिसे गाउट कहा जाता है. लेकिन यह समस्या घुटनों, कोहनियों, कलाई और उंगलियों के दूसरे जोड़ों में भी हो सकती है. यह दर्द अक्सर सुबह या आराम करने के बाद और बढ़ जाता है. वहीं, दूसरे लक्षणों में जोड़ों में सूजन, लालिमा, गर्मी और अकड़न शामिल हैं, और इससे किडनी में पथरी और थकान भी हो सकती है. इसलिए, डॉक्टरी सलाह और लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी हैं.

सुन्नपन या झुनझुनी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूरिक एसिड का लेवल अधिक होने से न सिर्फ जोड़ों में दर्द होता है, बल्कि बढ़ा हुआ लेवल सुन्नपन या झुनझुनी भी पैदा कर सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यूरिक एसिड के क्रिस्टल नसों में जमा होकर उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं. यह अक्सर हाथों और पैरों में महसूस होता है और कभी-कभी इसे न्यूरोपैथी समझ लिया जाता है. यह गाउट और किडनी स्टोन जैसी ज्यादा गंभीर समस्याओं का संकेत भी हो सकता है, इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
त्वचा के नीचे गांठें
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक यूरिक एसिड का स्तर अधिक रहने पर कुछ लोगों में टोफी नामक कठोर गांठें या पिंड बन जाते हैं. इससे जोड़ों में दर्द, सूजन और लालिमा हो सकती है, खासकर पैर के बड़े अंगूठे में. इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अध्ययन के अनुसार, टोफी सुई जैसे क्रिस्टल के जमाव होते हैं जो त्वचा के नीचे, जोड़ों में और दूसरे अंगों में सख्त गांठ बनाते हैं. अगर ये टोफी बड़े हो जाते हैं, तो इनसे बेचैनी, दर्द और जोड़ों में विकृति हो सकती है.

पैरों या हथेलियों में जलन
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों में यूरिक एसिड का लेवल ज्यादा होता है, उन्हें पैरों के तलवों या हाथों की हथेलियों में भी लक्षण महसूस हो सकते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, पैरों या हाथों में जलन, लगातार दर्द, सूजन और लालिमा हाई यूरिक एसिड लेवल के आम लक्षण हैं, जो जोड़ों में यूरिक एसिड क्रिस्टल जमा होने (गाउट) या त्वचा के नीचे की नसों में जलन, खासकर बड़े पैर के अंगूठे और टखनों में, के कारण हो सकते हैं. इस स्थिति को मैनेज करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी है.

किडनी स्टोन
क्लीवलैंड क्लिनिक के एक के मुताबिक, हाई यूरिक एसिड किडनी में क्रिस्टल बनकर पथरी बना सकता है. इन पथरी की वजह से पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द हो सकता है, साथ ही पेशाब करते समय जलन या दर्द भी हो सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस स्थिति को मैनेज करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना और लाइफस्टाइल में बदलाव करना बेहद जरूरी होता है.


