Ranchi : आम लोगों को सुलभ, समेकित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से 6 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों में प्रखंड स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जाएगा. इस दौरान जिला स्तर से लेकर प्रखंड और पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य विभाग की पूरी व्यवस्था सक्रिय रहेगी.
स्वास्थ्य मेला सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 4 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित किया जाएगा. इन मेलों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर संचारी रोग, संक्रामक रोग, पोषण, कुष्ठ, मलेरिया, फाइलेरिया, परिवार नियोजन और आयुष सेवाओं सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी.
स्वास्थ्य मेले में ओपीडी सेवाएं, जांच, परामर्श, दवा वितरण, टीकाकरण, रेफरल और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां संचालित होंगी. इसके साथ ही एनसीडी जांच, टीबी, मलेरिया और कुष्ठ जांच, नेत्र जांच, दंत चिकित्सा, गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों का टीकाकरण, पोषण परामर्श और परिवार नियोजन सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मेले के सफल आयोजन के लिए जिला स्वास्थ्य समिति, प्रखंड स्वास्थ्य समिति, जनप्रतिनिधियों, सहिया, एएनएम, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है.
रांची जिले में विभिन्न प्रखंडों में तय तिथियों पर स्वास्थ्य मेला आयोजित होगा. नगड़ी प्रखंड में 6 जनवरी को पीएचसी नगड़ी परिसर में, इटकी और राहे प्रखंड में 7 जनवरी को पीएचसी परिसर में, बेरो और सिल्ली प्रखंड में 8 जनवरी को सीएचसी परिसर में मेले का आयोजन होगा.
वहीं, 9 जनवरी को बुंडू, बुढ़मू, चान्हो, कांके, लापुंग, मांडर, नामकुम, ओरमांझी, रातू, सोनाहातू और तमाड़-1 प्रखंड में संबंधित सीएचसी या निर्धारित परिसर में स्वास्थ्य मेला लगाया जाएगा.
अनगड़ा और खलारी प्रखंड में 10 जनवरी को क्रमशः सीएचसी अनगड़ा और पीएचसी खलारी में स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जाएगा. मेले में विधायक, प्रमुख, मुखिया, बीडीओ और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी प्रस्तावित है.
सिविल सर्जन रांची, डॉ प्रभात कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्वास्थ्य मेले में पहुंचकर निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा का लाभ उठाएं. विभाग का कहना है कि यह पहल प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.


