Saturday, February 14, 2026

राज्य में लगातार हो रहे हाथियों के हमले से मौत को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की.

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रांची: हजारीबाग के चुरचू प्रखंड में हाथियों के झुंड द्वारा सात लोगों को मारे जाने की घटना को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है. शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने कांके रोड स्थित सरकारी आवास पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी, पीसीसीएफ (हॉफ) संजीव कुमार, पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) रवि रंजन, सीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) एसआर नाटेश, आरसीएफ हजारीबाग आरएन मिश्रा, आरसीएफ बोकारो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जंगली हाथियों के हमलों को हर हाल में रोकने और आम जनमानस की जान-माल की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि हाथियों के हमले से एक भी इंसान की मृत्यु न हो, यह वन विभाग सुनिश्चित करे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वैसे प्रभावित क्षेत्र जहां हाथियों द्वारा लगातार जान-माल की क्षति पहुंचाई जा रही, वहां बचाव एवं सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं.

हाथियों के हमले से मौत पर सीएम चिंतित

हाथियों के बढ़ते हमले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में हाथियों के हमलों से बड़ी संख्या में लोगों के मौत की सूचना प्राप्त हुई है. राज्य के रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला, दुमका आदि जिला में हाथियों के हमलों से पिछले कुछ महीनों में लगभग 27 लोगों की मौत हुई है, यह गंभीर विषय है. सीएम ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में हाथियों द्वारा जान-माल की हानि पहुंचाई जा रही है, उन क्षेत्रों के ग्रामीणों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देकर एलीफेंट रेस्क्यू टीम तैयार की जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से हाथी के विचलन को रोकने के लिए तमाम उपाय किए जाएं. ग्रामीणों को मशाल जलाने के लिए डीजल और किरासन तेल, पुराने टायर, टॉर्च, सोलर सायरन इत्यादि उपलब्ध कराए जाएं, ताकि ग्रामीणों को हाथी भगाने में सहूलियत हो सके. वन विभाग प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जागरूकता अभियान और सुरक्षा के जरूरी उपाय करें. साथ ही सीएम ने घटना के 12 दिन के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा की पूरी राशि दिलाने की बात कही.

मुख्यमंत्री ने हाथियों से हुए जानमाल की रिपोर्ट तलब की

बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन विभाग के अधिकारियों से पिछले कुछ महीनों में हुए हाथियों द्वारा हमले की घटनाओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है. वन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हजारीबाग क्षेत्र में पांच हाथियों का झुंड है, जो काफी एग्रेसिव है. मुख्यमंत्री के समक्ष वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इन हाथियों के हमलों को रोकने के लिए 70 लोगों की टीम विभाग द्वारा लगाई गई है. वन विभाग हाथियों की एक्टिविटी को दृष्टिगत रखते हुए अलर्ट मोड पर है.

मुख्यमंत्री ने पिछले 5 वर्ष में हुए कैजुअल्टी की संख्या एवं कंपनसेशन की संख्या से संबंधित डेटा राज्य सरकार को उपलब्ध कराने का निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिया है. सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के भीतर सभी एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग की जाए और पीड़ितों को उचित एवं त्वरित राहत दें. सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जानवरों के हमले से जीवन की क्षति स्थाई दिव्यांगता, पशुधन संपत्ति और फसल नुकसान को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है.

बेहतर प्रबंधन के जरिए हो रोकथाम: सीएम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में हाथी एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते हैं. जंगल के इलाकों से कुछ हाथी भटक कर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं. फिर वन विभाग इन हाथियों से ग्रामीणों को सुरक्षित करने के लिए कोई बेहतर मैकेनिज्म क्यों तैयार नहीं कर पाया है. सीएम के समक्ष अधिकारियों ने कहा कि वन विभाग द्वारा जल्द हाथी रेस्क्यू के लिए एक बेहतर क्विक रिस्पांसिबल मैकेनिज्म तैयार करने की योजना है. विभाग द्वारा 6 कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं, जिसकी मदद से ट्रेकिंग सिस्टम में सहयोग मिल सकेगा.

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