Wednesday, March 18, 2026

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार धनबाद आईआईटी-आईएसएम में आयोजित इंडस्ट्रीज इंस्टिट्यूट इंट्रेक्शन एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम में शामिल हुए.

Share

धनबादः इंडस्ट्रीज इंस्टिट्यूट इंट्रेक्शन एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन IIT-ISM में किया गया. इसके उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए.

कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए आवश्यक स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स ग्रीन एनर्जी पर फोकस यह कार्यक्रम ज्ञान शोध और उद्योग के आपसी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है. IIT ISM एक शताब्दी से राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. खनन भूविज्ञान और ऊर्जा के क्षेत्र में IIT ISM का योगदान देश के औधोगिक विकास की आधारशिला रहा है.

झारखंड खनिज सम्पदा से परिपूर्ण है, झारखंड में उपलब्ध खनिज केवल औधोगिक विकास का आधार नहीं है बल्कि राष्ट्रीय निर्माण का भी आधार है. देश आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की ओर आगे बढ़ रहा है. क्रिटिकल मिनरल्स देश की प्रगति के लिए आवश्यक है. विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लिए शिक्षण संस्थानों व छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. देश शीघ्र विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा. यह कॉन्क्लेव विचार का ही केवल मंच नहीं बनेगा बल्कि नवाचार की दिशा में भी आगे बढ़ेगा.

इंडस्ट्रीज इंस्टिट्यूट इंट्रेक्शन एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम के संदर्भ में राज्यपाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से यह समझ आता है कि हम अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इस कॉन्क्लेव में IIT-ISM ने स्मार्ट माइनिंग में 5G तकनीक को लाने के लिए BSNL तथा क्रिटिकल मिनरल्स की खोज के लिए रूस की कंपनी रोस्टम के साथ MoU साइन किया है. डिप्टी डायरेक्टर प्रो. धीरज कुमार ने बताया कि कुल सात कंपनियों से करार किये जा रहे हैं.

कॉन्क्लेव में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के महानिदेशक असित साहा भी उपस्थित हुए. उन्होंने बताया कि 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाना है. विकसित भारत बनाने के लिए भारत का आत्मनिर्भर बनना भी जरुरी है. क्रिटिकल मिनरल्स आज सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक चीजों में इस्तेमाल हो रहे हैं. क्रिटिकल मिनरल्स हमें ढूंढना है ढूंढने के बाद उसे जमीन से निकालना है यह एक प्रक्रिया है और इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाये जा रहे हैं.

इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देशभर से उद्योग जगत, विज्ञान और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं. इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इस दौरान संस्थान की हाईटेक लैब्स आमलोगों के लिए खोली गई है ताकि लोग चल रहे रिसर्च और प्रोजेक्ट्स को करीब से देख सकें। बहरहाल,यह कार्यक्रम विज्ञान, तकनीक, नवाचार और राष्ट्रीय विकास को समर्पित है.

Table of contents [hide]

Read more

Local News