रांचीः राजधानी के डोरंडा थाना क्षेत्र से 4 फरवरी से लापता 11 साल की नेहा टोप्पो का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. छह दिन पहले नेहा अपने डिबडीह के गिरजा टोली घर से सुबह 11 बजे निकली थी. उसने लाल रंग का फ्रॉक पहन रखा है. पुलिस ने पोस्टर जारी कर बच्ची की सूचना देने वाले को 21 हजार रु इनाम देने की घोषणा की है. इसके लिए फोन नंबर 9431706168 और 6200587911 जारी किया गया है.
परिजनों के मुताबिक वह रोजाना की तरह घर से बाहर गई थी लेकिन शाम तक नहीं लौटी. तलाश करने पर जब बच्ची का कहीं पता नहीं चला तो परिजनों ने थाना को सूचना दी. बच्ची के परिजन सदमे में हैं. अब डोरंडा पुलिस बच्ची की तलाश में जुटी हुई है. इसमें सोशल मीडिया के साथ साथ टेक्नोलॉजी का भी सहारा लिया जा रहा है.
इस घटना ने धुर्वा के मौसीबाड़ी खटाल के पास से 2 जनवरी को लापता भाई-बहन अंश और अंशिका वाली घटना की याद ताजा कर दी है. दोनों बच्चों को 13 जनवरी को रामगढ़ के चितरपुर से सकुशल बरामद किया गया था. इस मामले में एक महिला और पुरुष की गिरफ्तारी हुई थी. आलम यह था कि दोनों बच्चों की सूचना देने पर पुलिस ने चार लाख रु के इनाम की घोषणा की थी.
नेहा मामले में भी पुलिस सीसीटीवी और मोबाइल डाटा खंगाल रही है. पुलिस को उम्मीद है कि बच्ची की सकुशल बरामदगी हो जाएगी. इधर, बच्चों के लापता होने की घटना में बढ़ोतरी से आम शहरी घबराए हुए हैं. पुलिस ने भी सलाह दी है कि बच्चों को बिना निगरानी के घर से बाहर ना भेजें.
पुलिस के मुताबिक नेहा टोप्पो मूल रूप से गोड्डा जिला की रहने वाली है. उसके पिता का नाम सीताराम टोप्पो है. उनका पैतृक घर जैतहरी डीह, पोस्ट- मरयाचक(महगामा), थाना – हनवारा, जिला गोड्डा में है. वर्तमान में डिबडीह में रह रहे हैं. उनका पता है ; C/O इलियासा लकड़ा, गांव – गिरजा टोली, डिबडीह, थाना – डोरंडा, रांची. डोरंडा पुलिस ने बताया है कि बच्ची के छोटे बाल हैं. उसकी आंखें काली हैं. बच्ची का रंग सांवला है. लिहाजा, झारखंड वासियों से अपील की जाती है कि बच्ची को ढूंढने में पुलिस की मदद करें. सूचना देने पर 21 हजार रु का इनाम दिया जाएगा.


