रांची: सूबे के सबसे बड़े रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही शैक्षणिक अव्यवस्थाओं और सेशन में हो रही लगातार देरी को लेकर सोमवार को छात्रों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा. विभिन्न छात्र संगठनों, खासकर NSUI के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में जमकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. साथ ही अपनी मांगों को लेकर प्रशासनिक भवन के समक्ष धरने पर भी बैठ गए.
सेशन लेट को लेकर विद्यार्थियों में गुस्सा
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली अब उच्च शिक्षा के अनुरूप नहीं रह गई है. सेशन इतना लेट चल रहा है कि विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. कई छात्रों को समय पर डिग्री और अंकपत्र नहीं मिल पाने के कारण नौकरी और आगे की पढ़ाई में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था चरमरा गई है: एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे NSUI के प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा हजारों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो छात्र संगठन राज्यव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं. इनमें सबसे प्रमुख है कि सभी लंबित सत्रों को नियमित किया जाए और सेमेस्टर परीक्षाओं का शेड्यूल जल्द जारी किया जाए. इसके अलावा पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने की मांग की गई है. हाल ही में सेमेस्टर-1 के परिणाम में अंक गड़बड़ी के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कर छात्रों को न्याय देने की बात भी कही गई.

उत्तर पुस्तिकाओं के गायब होने की घटनाओं पर भी चिंता
छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के गायब होने की घटनाओं पर भी चिंता जताई और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही UGC गाइडलाइन के अनुसार शिक्षकों और कर्मचारियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. इसके अलावा विश्वविद्यालय के सभी प्रशासनिक पदों पर स्थायी नियुक्ति सुनिश्चित करने, एक व्यक्ति एक पद नियम को सख्ती से लागू करने और डिग्री, अंकपत्र व अन्य प्रमाणपत्रों का समयबद्ध वितरण करने की मांग उठाई गई.
विश्वविद्यालय के कॉलेज में बुनियादी सुविधा भी नहीं
छात्रों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि कई कॉलेजों और विभागों में गर्ल्स कॉमन रूम, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, वाई फाई और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, जो छात्रों के लिए बड़ी समस्या है.
स्पेशल परीक्षा का परिणाम भी अब तक नहीं
इसके अलावा सत्र 2017-20 और 2018-21 के छात्रों की स्पेशल परीक्षा के परिणाम जल्द प्रकाशित करने की भी मांग की गई. छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.


