रांची: झारखंड के खनन और निर्माण क्षेत्र को नई गति देने वाले तीन दिवसीय द्वितीय झारखंड माइनिंग एवं कंस्ट्रक्शन शो-2026 का उद्घाटन आज राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने प्रभात तारा मैदान (एचईसी ग्राउंड, धुर्वा) में किया. ओलंपिया एग्जिबिशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी 29 से 31 जनवरी तक चलेगी, जिसमें प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शक जा सकेंगे.
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक एवं खनिज संसाधनों से अत्यंत समृद्ध राज्य है. देश के कुल खनिज संसाधनों का लगभग 40 प्रतिशत यहां उपलब्ध है, जो औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं प्रदान करता है. उन्होंने कहा, “धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की यह पावन धरती सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ राष्ट्र को नई दिशा दे रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के साथ ‘विकसित भारत @2047’ की ओर बढ़ रहा है, जिसमें झारखंड की महत्वपूर्ण भूमिका है.” राज्यपाल ने जोर दिया कि संसाधनों का उपयोग केवल आर्थिक लाभ तक सीमित न रहे, बल्कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.
उत्तरदायी खनन और तकनीकी नवाचार पर फोकस
राज्यपाल ने बताया कि यह शो केवल खनन गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तरदायी एवं तकनीक-आधारित खनन, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, श्रम कल्याण, अधोसंरचना विकास, निवेश संवर्धन और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को समाहित करता है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्लेटफॉर्म से उद्योग जगत, नीति-निर्माता, निवेशक और श्रमिक संगठनों के बीच सार्थक संवाद होगा, जिसके निष्कर्ष झारखंड व देश के खनन-औद्योगिक क्षेत्र को नई दिशा देंगे.
नई तकनीक से बदलेगा माइनिंग का चेहरा
पूर्व सांसद महेश पोद्दार ने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए नई-नई तकनीकों का उपयोग अनिवार्य है. उन्होंने याद दिलाया कि पहले माइनिंग क्षेत्र में ज्यादातर काम मैनुअल होता था, लेकिन अब आधुनिक उपकरणों ने क्रांति ला दी है. इस शो का उद्देश्य लोगों को ऐसी तकनीकों से परिचित कराना है.

100 से ज्यादा कंपनियां, अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शन
ओलंपिया एग्जिबिशन के चेयरमैन लोकेश चौधरी और सीईओ एसके त्रिपाठी ने बताया कि यह रांची में दूसरी बार आयोजित हो रहा अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी है. खनन, मिनरल्स, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, स्टील, सीमेंट और सहायक क्षेत्रों से जुड़ी 100 से अधिक अग्रणी कंपनियां अपनी नवीनतम मशीनरी, तकनीक और समाधान प्रदर्शित कर रही हैं.
इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी कंपनियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के बीच सहयोग बढ़ाना है, जिससे झारखंड में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार को नई गति मिलेगी. यह आयोजन राज्य की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का प्रमुख मंच साबित होगा.
सम्मानित हुए प्रमुख संगठन
उद्घाटन समारोह में सीसीएल, सीएमपीडीआई, बीसीसीएल, मेकॉन और झारखंड सरकार के जियोलॉजी विभाग के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया. स्वागत भाषण लघु उद्योग भारती के पूर्व अध्यक्ष विजय छापरिया ने दिया. मौके पर एमएसएमई झारखंड के इंद्रजीत यादव, डीजीएमएस के निदेशक अजीत कुमार, लघु उद्योग भारती के उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश पांडे, ललित केडिया, सरिता पांडे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.


