Wednesday, April 8, 2026

रांची में ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ.

Share

रांची: ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही सभी पंचायतों में ‘हेल्थ कॉटेज’ स्थापित करने जा रही है, जहां इलाज के साथ-साथ स्वास्थ्य के अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाएगा.

प्रोटोकॉल गाइडलाइंस का अनावरण

कार्यशाला में राज्यभर के सिविल सर्जन, ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन से जुड़े प्रतिनिधि सहित कई स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित हुए. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, राजमहल सांसद विजय हांसदा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा द्वारा ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन की प्रोटोकॉल गाइडलाइंस का अनावरण किया गया. कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले 13 डॉक्टरों एवं 12 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHO) को सम्मानित भी किया गया.

मरीजों के साथ सहज, सरल और संवेदनशील जैसा व्यवहार

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि कोविड जैसे कठिन समय में जब लोग एक-दूसरे से दूर हो रहे थे, उस समय ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन ने लोगों को जोड़ा. उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि मरीजों के साथ उनका व्यवहार सहज, सरल और संवेदनशील होना चाहिए, ताकि मरीज अपनी समस्या खुलकर साझा कर सके.

झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था

उन्होंने आगे कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में अत्याधुनिक और एआई आधारित तकनीकों को शामिल कर व्यापक सुधार लाया जाएगा, इसके लिए सभी स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग की आवश्यकता है. डॉ. इरफान अंसारी ने सिविल सर्जनों से निर्भीक होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए मरीजों एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया.

मानवता सर्वोपरि होनी चाहिए: मंत्री डॉ. इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एक चिकित्सक के रूप में हम सभी बिना किसी भेदभाव के सेवा करने की शपथ लेते हैं. चिकित्सा सेवा का क्षेत्र ही ऐसा क्षेत्र है, जहां मानवता सर्वोपरि होनी चाहिए. झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही एक सशक्त मॉनिटरिंग सेल स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जहां अच्छे कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा, वही लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.

अबुआ मेडिकल स्टोर

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई नीति लागू की जाएगी. इसके तहत एजेंसी के माध्यम से रक्त उपलब्ध कराया जाएगा तथा आम जनता की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा. राज्य में ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ के माध्यम से लोगों को सुलभता से दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, यहां दवाओं के उपयोग, साइड इफेक्ट और सेवन विधि की जानकारी भी सरल भाषा में दी जाएगी. उन्होंने बताया कि राज्य में 747 अबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की प्रक्रिया जारी है.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्वास्थ्य संस्थान का कभी भी औचक निरीक्षण कर सकते हैं, इसका उद्देश्य किसी को भयभीत करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन भ्रम और गलत इलाज से बचाने में अत्यंत प्रभावी है. उन्होंने बेहतर कार्य कर रहे डॉक्टरों से अन्य चिकित्सकों को प्रेरणा लेने की अपील की, ताकि दूरदराज क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सके. कार्यक्रम में सीएपीएचसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. मुकेश मिश्रा ने विषय प्रवेश कराया तथा विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए.

Read more

Local News