Saturday, April 4, 2026

रांची के मौसम केंद्र में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का कर्टेन रेजर कार्यक्रम आयोजित किया गया.

Share

रांची: हरियाणा के पंचकूला में 6 दिसंबर से 9 दिसंबर तक आयोजित होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का कर्टेन रेजर कार्यक्रम रांची के मौसम केंद्र में आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भी भाग लिया और आज के समय में जीवन के हर क्षेत्र में विज्ञान के बढ़ते महत्व के साथ साथ मौसम पूर्वानुमान से जुड़ी जानकारियां हासिल की.

  • कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रांची एयरपोर्ट निदेशक अनिल कश्यप शामिल हुए. 2015 से हर साल आयोजित किये जा रहे इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) के कर्टेन रेजर से संबंधित वीडियो को बच्चों को दिखाया गया और यह बताया गया कि कैसे यह फेस्टिवल हमें विज्ञान को जानने, समझने के साथ-साथ हमें साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने और अपने ज्ञान को बढ़ाने का मौका देता है.

रांची स्थित मौसम केंद्र में आयोजित IISF कर्टेन रेजर कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय के माध्यमिक क्लास के बच्चों ने जाना कि कैसे विज्ञान की सहायता से मौसम वैज्ञानिक हवा की गति, वर्षा की मात्रा, आसमान में होने वाली गतिविधि, चक्रवात, सर्दी-गर्मी की तमाम जानकारी पूर्वानुमान जारी करते हैं. केंद्रीय विद्यालय की नौंवी क्लास की छात्रा विनीता और अयुक्ता ने बताया कि आज का कार्यक्रम बहुत जानकारी भरा रहा और हम लोगों ने जाना कि कैसे विज्ञान की वजह से जीवन सुगम हो रहा है. बच्चों ने बताया कि देश को विज्ञान के क्षेत्र में आगे ले जाकर एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की जिम्मेदारी उन्हीं को निभानी है.

India International Science Festival

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निदेशक अनिल कश्यप ने कहा कि विज्ञान को आत्मसात किये बिना कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता है. उन्होंने बच्चों को विज्ञान के प्रति जिज्ञासु होने का आह्वान करते हुए कहा कि एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान को आगे ले जाने का दायित्व नई पीढ़ी पर ही है.

अगर आप मजबूत इच्छाशक्ति रखें तो रास्ते खुद आसान हो जाते हैं. हमारे मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को आज दुनिया सैल्यूट करती है. मौसम केंद्र के निदेशक ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के वाक्य को दोहराते हुए बच्चों से ऊंचे सपने देखने का आह्वान किया.

curtain raiser program, Ranchi

रांची मौसम केंद्र के वरीय मौसम पूर्वानुमान वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि IISF की शुरुआत वर्ष 2015 से हुई थी. हर वर्ष यह आयोजन किसी न किसी शहर में होता रहा है. इस साल यह 6 से 9 दिसंबर तक हरियाणा के पंचकूला में आयोजित होगा. उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम “विज्ञान से समृद्धि फॉर आत्मनिर्भर भारत” रखा है.

अब तक इंडिया, सर्विस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा था लेकिन नई टेक्नोलॉजी और विकास में हम पीछे थे. अब समझ में आया है कि हमें अपनी तकनीकी ज्ञान और वैज्ञानिक समझ को बढ़ाना होगा. पूर्व के एक वाक्यात कारगिल युद्ध के दौरान, अमेरिका द्वारा नेविगेशनल सिस्टम नहीं दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले जेनरेशन को विज्ञान के बारे में जानकारी रखनी जरूरी है: अभिषेक आनंद, मौसम वैज्ञानिक

मौसम वैज्ञानिक ने आगे बताया कि अब मौका पहले की अपेक्षा अधिक है और आपने सोच लिया तो टेक्नोलॉजी आपके साथ है. उन्होंने कहा कि IISF के वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्टर्ड कराकर आम लोग भी इस फेस्टिवल के कई इवेंट्स का हिस्सा बन सकते हैं. कार्यक्रम के दौरान मौसम वैज्ञानिक उपेन्द्र श्रीवास्तव ने भी झारखंड के संबंध में मौसम और सिविल एविएशन में विज्ञान के महत्व की जानकारी बच्चों को दीेेेे.

Read more

Local News