Friday, March 20, 2026

रांची के मुरी रेलवे स्टेशन से दो मानव तस्करों को पकड़ा गया है.

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रांची : राजधानी रांची में लगातार दूसरे दिन आरपीएफ के द्वारा दो मानव तस्करों को पकड़ा गया है. इस बार मुरी से दो मानव तस्कर पकड़े गए हैं. मानव तस्करों की गिरफ्तारी के बाद आरपीएफ ने छह नाबालिग लड़कियो का रेस्क्यू भी किया है.

  • आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार ने बताया कि रविवार को ऑपरेशन आहट के तहत आरपीएफ पोस्ट मुरी और सीआईबी यूनिट रांची द्वारा मुरी रेलवे स्टेशन पर एक विशेष जांच अभियान चलाया गया. सूचना थी कि कुछ मानव तस्कर कुछ नाबालिगों को बहला फुसलाकर ले जा रहे हैं.
  • इसी सूचना पर निरीक्षक संजीव कुमार (पोस्ट कमांडर, आरपीएफ मुरी) के नेतृत्व में, एसआई पवन कुमार, एसआई बसंता मलिक, एसआई रविशंकर एवं अन्य स्टाफ के सहयोग से यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है. अभियान में प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर दो संदिग्ध पुरुषों के साथ छह नाबालिग लड़कियां पाई गईं. पूछताछ में पुरुषों ने अपने नाम बिरेंद्र बेदिया और जीतेंद्र बेदिया बताए, जो जिला रांची के ग्राम डिमरा के निवासी हैं.
  • उन्होंने स्वीकार किया कि वे इन लड़कियों को अवैध रूप से आंध्रप्रदेश (विजयवाड़ा) ले जा रहे थे, जहां उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था. सभी लड़कियां 15 से 17 वर्ष की आयु की थीं. आरोपियों के पास से 07 आधार कार्ड, 04 यात्रा टिकट, 01 पैन कार्ड, 02 मोबाइल फोन एवं 22,300 नकद बरामद किए गए हैं. साथ ही मोबाइल में कई संदिग्ध नंबर और दस्तावेज पाए गए.

आरपीएफ के पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरफ्तार बिरेंद्र की बहन संगीता कुमारी के द्वारा ही लड़कियों को बाहर ले जाने के लिए भेजा गया था. दोनों आरोपियों और छह नाबालिग लड़कियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए जीआरपीएस मुरी को सौंप दिया गया. इस संबंध में जीआरपीएस मुरी में केस दिनांक धारा 137(2)/143(3)/143(4)/143(5)/144 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है.

रांची रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी को लेकर आरपीएफ की टीम बेहद सतर्क है. इसी सतर्कता की वजह से आरपीएफ की टीम ने शनिवार को भी आठ लड़कियों को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त करवाया था. साथ ही तीन मानव तस्करों को मौके से गिरफ्तार भी किया गया था.

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