Friday, March 6, 2026

युद्ध तनाव और कमजोर डॉलर से सोना ₹1,60,700 और चांदी ₹2,67,100 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे.

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नई दिल्ली: वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण सर्राफा बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखी जा रही है. शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी के दाम ऐतिहासिक स्तरों के करीब कारोबार कर रहे हैं.

बाजार का ताजा हाल
शुक्रवार को MCX पर सोने का अप्रैल वायदा 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,60,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. वहीं, चांदी में और भी अधिक तेजी दर्ज की गई; चांदी का मई वायदा 1.87 प्रतिशत उछलकर 2,67,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है. दिन के शुरुआती कारोबार में चांदी में 2.6 प्रतिशत और सोने में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई थी, हालांकि बाद में मामूली मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण कीमतें थोड़ी स्थिर हुईं.

युद्ध और महंगाई का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज सातवां दिन है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है. निवेशकों को डर है कि मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति रुक सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई और बढ़ेगी. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बयान कि “अमेरिका के पास लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद है”, ने बाजार में अनिश्चितता और बढ़ा दी है.

डॉलर इंडेक्स में गिरावट
सोने की कीमतों को सहारा देने वाला एक बड़ा कारक डॉलर इंडेक्स में आई गिरावट है. डॉलर इंडेक्स 0.29 प्रतिशत गिरकर 99.03 के स्तर पर आ गया है. डॉलर के कमजोर होने से अन्य मुद्राओं का उपयोग करने वाले खरीदारों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो गया है, जिससे इसकी मांग बढ़ी है.

कच्चे तेल की स्थिति
युद्ध के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को मामूली गिरावट देखी गई. अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट देने के फैसले के बाद ब्रेंट क्रूड 1.52 प्रतिशत गिरकर 84.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने को फिलहाल 1,58,000 रुपये पर मजबूत सपोर्ट प्राप्त है, जबकि 1,62,800 रुपये का स्तर एक बड़ी बाधा बना हुआ है. चांदी के लिए 2,71,000 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है. निवेशक अब आज शाम आने वाले अमेरिकी ‘जॉब्स रिपोर्ट’ का इंतजार कर रहे हैं, जो फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर भविष्य के रुख को स्पष्ट कर सकती है.

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