मुंबई: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध के हालातों के बीच शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े संघर्ष का असर भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट पर साफ दिखा, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए.
बाजार का हाल: सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
शुक्रवार को कारोबार खत्म होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,097 अंक (1.37%) टूटकर 78,918 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 315 अंक (1.27%) गिरकर 24,450 पर आ गया. बाजार में इस गिरावट से निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए. सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग सेक्टर पर रहा, जहाँ निफ्टी बैंक 2.15% की भारी गिरावट के साथ 57,783 के स्तर पर पहुंच गया.
कच्चे तेल में उबाल और गिरता रुपया
युद्ध की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. ईरान द्वारा बहरीन की एक ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल और ड्रोन हमले की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड $86 प्रति बैरल के पार निकल गया. भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये पर पड़ा. शुक्रवार को भारतीय रुपया 0.09% गिरकर 91.84 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ.
सेक्टर का प्रदर्शन: डिफेंस शेयरों में तेजी
बाजार में हर तरफ बिकवाली का माहौल था, लेकिन डिफेंस (रक्षा) सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त चमक दिखी. युद्ध की स्थिति को देखते हुए डिफेंस कंपनियों के शेयर 9% तक चढ़ गए. इसके अलावा, आईटी (IT) और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर मामूली बढ़त के साथ बंद हुए, क्योंकि निवेशक इन्हें सुरक्षित विकल्प मान रहे थे. दूसरी ओर, बैंकिंग, रियल्टी और पीएसयू बैंक सबसे ज्यादा घाटे में रहे.
निवेशकों में डर का माहौल
बाजार में घबराहट को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) 11% से ज्यादा उछल गया. यह इस बात का संकेत है कि निवेशक आने वाले दिनों में और ज्यादा उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रहे हैं. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार पर दबाव बना रह सकता है. निफ्टी के लिए फिलहाल 24,500 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल बना हुआ है.


