उडुपी (कर्नाटक): प्रसिद्ध संगीत निर्देशक इलैयाराजा ने बुधवार, 10 सितंबर को उडुपी जिले में कोल्लूर श्री मूकाम्बिका देवी को हीरे जड़ित मुकुट भेंट कीं. पूजा अनुष्ठान पूरा होने के बाद, मंदिर के पुजारियों ने देवी को मुकुट और आभूषण सौंपे. मंदिर द्वारा इलियाराजा का सम्मान किया गया.
पहले भी उन्होंने देवी को हीरों से जड़ा एक हाथ चढ़ाया था. इस बार उन्होंने भगवान वीरभद्र को हीरों का मुकुट, हीरों से जड़ा एक चांदी का मुकुट और चांदी की एक तलवार भेंट की है. इससे पहले, कार मार्ग पर स्थित ओलागा मंडप से पांच वाद्य यंत्रों के साथ पूर्ण कुंभ जुलूस के माध्यम से एक मुकुट और स्वर्ण आभूषण मंदिर में लाए गए.

इलैयाराजा कोल्लूर मूकाम्बिका के बहुत बड़े भक्त हैं. वह साल में दो बार देवी के दर्शन के लिए मंदिर आते हैं. वह अपना जन्मदिन विशेष रूप से मूकाम्बिका की उपस्थिति में मनाते हैं. देवी को आभूषण अर्पित करने के बाद उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘इसमें मेरा कुछ भी नहीं है. सब कुछ उन जगनमाता मूकाम्बिका की कृपा और आशीर्वाद है.
कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बाबू शेट्टी कहते हैं, ‘इलैयाराजा अक्सर कोल्लूर मूकाम्बिका मंदिर जाते हैं. वह किसी को नहीं बताते कि वह कब आते हैं. वह एक सामान्य भक्त की तरह ही दर्शन करते हैं.

इस बार उन्होंने जो हीरे का मुकुट और अन्य वस्तुएं भेंट की हैं, उनकी कीमत चार करोड़ रुपये से ज्यादा है. उन्होंने 2006 में भी देवी को एक हीरे का मुकुट भेंट किया था. यह जानकर खुशी हुई कि वह, जो एक प्रसिद्ध संगीत निर्देशक और गायक भी हैं, देवी मूकाम्बिका के भक्त हैं.’
इलैयाराजा के बेटे कार्तिक इलैयाराजा, पोते यतीश इलैयाराजा, नेता के गोपाल पुजारी, मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के बाबू शेट्टी तग्गर्से, कार्यकारी अधिकारी प्रशांत शेट्टी, सहायक कार्यकारी अधिकारी तुम्बागी, पुजारी श्रीधर अडिगा, के एन गोविंदा अडिगा, विग्नेश्वर अडिगा, एन सुब्रमण्य अडिगा, सुरेश भट्ट, शिवराम अडिगा, नरसिम्हा भट्ट, सुदर्शन जोइस और प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे.


