Tuesday, April 7, 2026

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि राज्य के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला अधिकार है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि राज्य के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला अधिकार है। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी भी लापरवाही के प्रति आगाह किया और समय पर सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट कहा है कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समय पर सहायता पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा पीड़ितों को समय पर सहायता मिलनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें और जरूरतमंदों तक राहत तेजी से पहुंचाई जाए।

आपदा प्रबंधन में किए गए सुधार

उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 के बाद से राज्य में बाढ़, सुखाड़, अगलगी, भूकंप और हीटवेव जैसी आपदाओं से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू की गई है, जिससे राहत कार्यों में तेजी आई है।

पीड़ितों को मिल रही कई तरह की सहायता

सरकार की ओर से प्रभावित लोगों को मुफ्त भोजन, नकद अनुदान, फसल क्षति, गृह क्षति और पशु क्षति के लिए सहायता दी जा रही है। इससे लोगों को आपदा के बाद संभलने में मदद मिल रही है।

आधुनिक आपदा प्रबंधन ढांचा तैयार

नवनिर्मित सरदार पटेल भवन में आपदा प्रबंधन विभाग और नियंत्रण केंद्र स्थापित किया गया है। यह भवन भूकंपरोधी है और इसकी छत पर हेलिपैड भी बनाया गया है, जो आपात स्थिति में उपयोगी होगा।

कार्य की समीक्षा और पुस्तक का विमोचन

बैठक में आपदा प्रबंधन के कार्यों की समीक्षा की गई और “बिहार की आपदा प्रबंधन यात्रा” पुस्तक का विमोचन किया गया। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री भी मौजूद रहे।

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