नई दिल्ली: भारत पेट्रोलियम (BPCL) और इंडियन ऑयल (IOCL) ने देश में पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरों को पूरी तरह से भ्रामक और अफवाह करार दिया है. कंपनियों ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और उनकी सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रही है.
अफवाहों पर लगाम और कंपनियों का रुख
पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के कारण सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय हलकों में यह अफवाह फैल रही थी कि भारत में पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हो सकता है. इसके चलते कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और पैनिक बाइंग देखी गई.
इस स्थिति को देखते हुए इंडियन ऑयल और BPCL ने आधिकारिक बयान जारी कर जनता को आश्वस्त किया है. कंपनियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और वितरण नेटवर्क में किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं है. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और ईंधन स्टेशनों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं.
भारत की ऊर्जा सुरक्षा: घबराने की जरूरत क्यों नहीं?
सरकारी सूत्रों और पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत की ऊर्जा स्थिति काफी मजबूत है.
50 दिनों का बफर स्टॉक: भारत के पास वर्तमान में लगभग 25 दिनों का कच्चा तेल रिजर्व है. इसके अलावा, देश के पास 25 दिनों का रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद भी सुरक्षित है. यानी कुल 50 दिनों का बैकअप मौजूद है.
निर्यात पर रोक: घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कंपनियों को पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को रोकने का निर्देश दिया है, ताकि पूरा स्टॉक देश के भीतर ही इस्तेमाल हो सके.
रूस से आपूर्ति: भारत ने अपनी तेल आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाई है. वर्तमान में भारत अपनी जरूरत का लगभग 20% कच्चा तेल रूस से आयात कर रहा है, जिससे मिडल ईस्ट पर निर्भरता कम हुई है.
कीमतों और उपलब्धता पर स्थिति
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल कीमतों में वृद्धि या राशनिंग लागू करने की कोई योजना नहीं है. रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि रसोई गैस की आपूर्ति भी निर्बाध बनी रहे. पेट्रोल पंपों पर भीड़ केवल अफवाहों के कारण है, न कि तेल की कमी के कारण. प्रशासन और तेल कंपनियां स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है.


