रांची: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने इस महीने पड़ने वाले तीन प्रमुख पर्व-त्योहारों को लेकर विशेष सुरक्षा प्लान तैयार किया है. हजारीबाग और गिरिडीह जैसे संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त फोर्स भी तैनात की जाएगी.
ईद, सरहुल और रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी जिलों की पुलिस अपनी तैयारियों में जुटी हुई है. पुलिस मुख्यालय और स्पेशल ब्रांच ने तीनों पर्व-त्योहारों के दौरान सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं. आईजी अभियान डॉ. माइकल राज ने बताया कि सभी जिलों को आवश्यकता अनुसार फोर्स उपलब्ध कराया जाएगा. इस संबंध में सभी जिलों को पत्र भेजा गया है कि उन्हें कितने फोर्स की जरूरत है. राज्य के सभी संवेदनशील जिले, जहां पूर्व में इन पर्वों के दौरान तनाव उत्पन्न हुआ हो, वहां अतिरिक्त बल के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी. हजारीबाग और गिरिडीह जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं.
तीन पर्व एक ही महीने में, ईद और सरहुल एक ही दिन
मार्च 2026 में तीन महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार पड़ रहे हैं. स्पेशल ब्रांच के पत्र के अनुसार 17 मार्च को दूसरी मंगलवारी का जुलूस निकलेगा, जबकि 19 मार्च को हिंदू नववर्ष मनाया जाएगा. वहीं 24 मार्च को तीसरी और अंतिम मंगलवारी का जुलूस निकलेगा, जबकि 26 मार्च को रामनवमी पर्व मनाया जाएगा. इस अवसर पर मंगला जुलूस, शोभायात्रा और हिंदू नववर्ष के दौरान विभिन्न हिंदू संगठन, मंदिर कमेटियां, अखाड़े और रामनवमी समितियां जुलूस निकालती हैं.
इन जुलूसों में उत्तेजक नारे, गीत-संगीत आदि के प्रचार-प्रसार से खास समुदाय के लोगों द्वारा विरोध की आशंका बनी रहती है, जिससे कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. इसलिए परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रशासनिक सतर्कता और निगरानी की जाएगी. स्पेशल ब्रांच के पत्र में यह भी बताया गया है कि 21 मार्च को ईद-उल-फितर के साथ-साथ सरहुल पर्व भी मनाया जाएगा. ऐसे में दोनों पर्वों को लेकर विशेष रूप से कानून-व्यवस्था की तैयारी की जाए.

हर तरह से अलर्ट रहने का निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है. खासकर संवेदनशील जिलों में विशेष अलर्ट जारी किया गया है. राज्य के वे संवेदनशील जिले जहां पूर्व में सांप्रदायिक तनाव के मामले सामने आए हैं, वहां जिला पुलिस के अलावा स्पेशल फोर्स की तैनाती भी की जाएगी. सभी जिलों में पुलिस असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखेगी. सभी जिलों को आदेश दिया गया है कि सभी वर्गों के गणमान्य लोगों के संपर्क में रहें ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. तीनों पर्वों को लेकर रांची, जमशेदपुर, धनबाद, पलामू, गिरिडीह, हजारीबाग जिलों के एसपी को विशेष तौर पर अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है.
असामाजिक तत्वों की पहचान कर होगी कार्रवाई
राज्यभर में सांप्रदायिक तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है. सभी जिलों में ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है जो सांप्रदायिक कांडों में संलिप्त रहे हैं. ऐसे कांडों में शामिल लोगों पर पुलिस ने थाना स्तर पर क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. पूर्व में हुए झड़पों के दौरान उत्पात में शामिल तत्वों के बारे में भी सभी थानों से जानकारी ली जा रही है. ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है. घटना की वजह और उसकी पृष्ठभूमि में शामिल लोगों के बारे में भी जानकारी इकट्ठा की जा रही है. खासकर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की अफवाह फैलाने वाले लोगों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है.
सरहुल पर्व की तैयारियों का निरीक्षण
वहीं, आगामी सरहुल पर्व को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और भव्य तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को रांची के सिरमटोली और हातमा स्थित प्रमुख सरना स्थलों का निरीक्षण किया गया. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने संयुक्त रूप से सरना स्थलों का दौरा कर वहां की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने प्रवेश मार्ग, पूजा स्थल, श्रद्धालुओं के आवागमन के रास्ते, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की. इस दौरान सरना समितियों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत कर पर्व के दौरान होने वाली भीड़ और आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली गई.
सही समय पर तैयारियां पूरी करने की मांग
सरना समिति के सदस्यों ने प्रशासन को बताया कि सरहुल के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरना स्थलों पर पहुंचते हैं. ऐसे में लाइटिंग, सड़क समतलीकरण, पेयजल, जेनरेटर, मोबाइल टॉयलेट, बैरिकेडिंग और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था जरूरी है. इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं.
सुझावों के आधार पर बनाई जा रही योजना
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सरहुल झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे पूरे उत्साह और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया जाता है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि यह पर्व पूरी शांति, सुरक्षा और गरिमा के साथ संपन्न हो. इसके लिए सरना समितियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं की योजना बनाई जा रही है.
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि सरना स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें और पूजा के बाद बिना किसी परेशानी के अपने घर लौट सकें. इसके लिए आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
इस दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया कि सरहुल पर्व के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. प्रमुख सरना स्थलों और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके.
उन्होंने यह भी कहा कि पर्व के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर कुछ मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी किया जाएगा, जिसकी जानकारी लोगों को पहले ही दी जाएगी.
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रवीण पुष्कर, पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) आर.एन. आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) कुमार रजत और उप समाहर्ता जिला नजारत सुदेश कुमार समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे.


