मनरेगा योजनाएं अब ‘विकसित भारत जीरामजी’ नाम से चलेंगी, जो जुलाई से देशभर में लागू होंगी। झारखंड सहित सभी राज्यों को इसके लिए तैयारी करनी है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने योजना का नाम बदलने के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है, जिसे स्थानीय चुनावों के बाद फिर से शुरू किया जाएगा। लंबित भुगतानों को सरल बनाने के प्रयास भी राज्य स्तर पर किए जा रहे हैं।
रांची। झारखंड सहित अन्य राज्यों में मनरेगा के तहत ली गई योजनाएं अब बदले हुए नाम से चलेगी। इसके लिए केंद्र के साथ-राज्यों को भी पूरी तैयारी करनी है। फिलहाल नई योजनाएं ना तो चुनी जा रही हैं और ना ही इसके लिए कोई फंड दिया जा रहा है।
माना जा रहा है कि जुलाई से पूरे देश में विकसित भारत जीरामजी के तहत योजनाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। इन्हीं चार महीनों में कांग्रेस आंदोलन के माध्यम से केंद्र पर योजना का नाम एक बार फिर महात्मा गांधी के नाम पर करने के लिए दबाव बना रही है।
राज्य में पार्टी के स्तर से चलाया जा रहा आंदोलन निकाय चुनावों को देखते हुए स्थगित कर दिया गया था।चुनाव के समापन के साथ ही आंदोलन शुरू हो जाएगा।
झारखंड में भी जारी होगी अधिसूचना
ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित भारत जीरामजी योजना का शुभारंभ करने की तैयारियों को केंद्र सरकार तेजी से आगे बढ़ा रही है। माना जा रहा है कि केंद्र के स्तर पर इस योजना को शुरू करने के लिए जुलाई महीने का डेटलाइन तय है। इसके बाद सभी राज्यों में योजना शुरू हो जाएगी। इस दौरान झारखंड में भी इससे संबंधित अधिसूचना जारी हो जाएगी।
एक और बड़ी बात यह है कि एसएनए स्पर्श के तहत भुगतान प्रक्रिया की खामियों को दूर करने का प्रयास राज्य स्तर पर किया जा रहा है। प्रयास सफल रहे तो वर्षों से लंबित भुगतान रास्ता निकल जाएगा।
राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी नियमित तौर पर केंद्र के अधिकारियों से संपर्क में हैं ताकि भुगतान प्रक्रिया का सरल बनाते हुए लंबित मामलों का निपटारा किया जा सके।
एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस शुरू करेगी आंदोलन
झारखंड प्रदेश कांग्रेस मनरेगा का नाम बदले जाने के खिलाफ आंदोलन की पूरी तैयारी कर चुका है।यह आंदोलन दूसरे राज्यों में चल भी रहा है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने निकाय चुनावों को लेकर इसे स्थगित करने का निर्णय लिया था।
अब एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इस कार्यक्रम को लेकर पूर्व में निर्धारित लोगों को ही रखा गया है।


