रांची: बोकारो के गोमिया प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार की रात हाथियों के झुंड द्वारा किए गए हमले में मारे गए दो ग्रामीणों के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए झारखंड के स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मृतक के परिजनों को 04-04 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की. साथ ही उन्होंने कहा कि घटना में घायलों का पूरा इलाज राज्य सरकार अपने खर्च पर कराएगी.
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने रिम्स पहुंचकर हाथी के हमले में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और इस घटना को पूरे राज्यभर के लिए शोक और पीड़ा में डुबो देने वाली घटना बताया. उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है. डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए असहनीय त्रासदी है, जिनके घरों के चिराग बुझ गए. इस दुखद समाचार ने समाज और शासन दोनों को अंदर तक झकझोर दिया है.

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर वह मंत्री योगेंद्र प्रसाद के साथ रिम्स पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि रिम्स में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सख्त निर्देश दिया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा कि मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. वहीं घायलों का इलाज करने वाले चिकित्सक ने बताया कि चारों बच्चे और एक महिला खतरे से बाहर हैं और उनका उपचार जारी है.

दोनों मंत्रियों ने रिम्स में पीड़ित परिवारों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढाढ़स बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को एक सप्ताह के भीतर 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी और घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के दर्द की भरपाई संभव नहीं, लेकिन सरकार उनकी हर संभव सहायता सुनिश्चित करेगी.

इस दौरान हाथियों के लगातार हो रहे हमले की घटना पर दोनों मंत्रियों ने गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह केवल सुरक्षा का प्रश्न नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच बिगड़ते संतुलन का गंभीर संकेत है. आखिर ये हाथी क्यों आक्रामक हो रहे हैं? क्यों जंगलों से निकलकर आबादी की ओर बढ़ रहे हैं? यह गंभीर मंथन का विषय है. जंगलों का सिकुड़ना, मानवीय विस्तार और संसाधनों की कमी जैसे कारणों की समीक्षा कर स्थायी समाधान निकालना समय की मांग है. संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि मानवीय संवेदनशीलता और वन्यजीव संरक्षण दोनों को ध्यान में रखते हुए ठोस रोकथाम उपाय सुझाएं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न हो. वहीं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि क्षेत्र का जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका कर्तव्य है कि वे हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़े रहें. उन्होंने आश्वस्त किया कि घायलों को समुचित इलाज मिलेगा और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी.

दोनों मंत्रियों ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रिम्स के विस्तार और बेहतर आधारभूत संरचना की दिशा में सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे बड़े राज्य में रिम्स-2 की आवश्यकता महसूस की जा रही है और इस दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शीघ्र निर्णय लेंगे. साथ ही दोनों मंत्रियों ने विपक्ष से सकारात्मक सुझाव देने की अपील की, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस घटना से अत्यंत व्यथित है और पुनः स्पष्ट करती है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी. साथ ही मानव और वन्यजीव के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु दीर्घकालिक समाधान पर प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.


