Wednesday, March 25, 2026

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे दिन तेजी का सिलसिला जारी है.

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भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन खुशियों भरा रहा. बुधवार सुबह दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 800 अंक उछल गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 1% की बढ़त के साथ 23,170 के स्तर को पार कर गया.

बाजार में इस उछाल के पीछे दो सबसे बड़े कारण रहे

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद: वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की खबरों ने बाजार को सहारा दिया. रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान के जरिए एक ’15-सूत्रीय शांति योजना’ का प्रस्ताव भेजा है. इस खबर से निवेशकों में यह भरोसा जागा कि युद्ध के बादल छंट सकते हैं.

कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट: भारत के लिए सबसे राहत की बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में 7% की भारी गिरावट आई. तेल की कीमतें गिरकर 97 डॉलर प्रति बैरल के पास आ गईं. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए तेल सस्ता होने से देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ता है.

किस सेक्टर में रही कितनी हलचल?
बाजार में आज चौतरफा खरीदारी देखने को मिली. सबसे ज्यादा तेजी ऑटो, रियल्टी और मीडिया सेक्टर के शेयरों में रही.

  • ऑटो सेक्टर: गाड़ियों की मांग बढ़ने और लागत कम होने की उम्मीद में यह इंडेक्स 1.47% चढ़ा.
  • बैंकिंग और मेटल: सरकारी बैंकों (PSU Banks) और वित्तीय सेवाओं के शेयरों में भी 1% से ज्यादा की बढ़त रही.
  • आईटी सेक्टर: हालांकि, आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों पर आज भी दबाव देखा गया और वे सुस्ती के साथ कारोबार करते नजर आए.

छोटे और मझोले शेयरों का हाल
बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी लगभग 1-1% की तेजी रही. बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया.

बाजार जानकारों का कहना है कि हालांकि आज की तेजी उत्साहजनक है, लेकिन निवेशकों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है. विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निफ्टी 24,500 के स्तर को मजबूती से पार नहीं कर लेता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. उन्होंने सलाह दी है कि निवेशक केवल मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयर ही गिरावट पर खरीदें.

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